हिमाचल प्रदेश में मानसून के बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है. अप्रैल से लेकर जून महीने तक पहले लोग भीषण गर्मी से परेशान हुए और अब अगस्त महीने में लगातार हो रही बारिश ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. मॉनसून की बरसात कुछ राज्यों में आफत बनकर बरस रही है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से जगह-जगह लैंडस्लाइड की घटनाएं सामने आ रही है, जिसके कारण लोग दहशत में हैं.
18 अगस्त तक मौसम खराब रहना का अनुमान
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के वैज्ञानिक संदीप शर्मा के मुताबिक 18 अगस्त तक मौसम खराब बने रहने का ही अनुमान है. इस दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी. स्थानीय प्रशासन ने लोगों से बारिश के दौरान एहतियात बरतने की अपील की है. साथ ही लोगों से वक्त-वक्त पर जारी हो रही एडवाइजरी पर नजर बनाए रखने के लिए भी कहा गया है. राज्य में अब तक मानसून में 22 फीसदी तक कम बारिश हुई. हालांकि अगस्त महीने की बात करें, तो अगस्त महीने में अब तक ज्यादा बारिश हुई है.
हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने हिमाचल प्रदेश के पांच जिलों कांगड़ा, मंडी, शिमला, सोलन और सिरमौर में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी देते हुए 'ऑरेंज' अलर्ट जारी किया है. वहीं, 16 अगस्त तक पूरे राज्य में भारी बारिश के लिए 'येलो' अलर्ट जारी किया है. इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिसमें सिरमौर के नाहन में शुक्रवार शाम से अब तक सबसे अधिक 168.3 मिमी बारिश दर्ज की गई. इसके बाद सैंडहोल में 106.4 मिमी, नगरोटा सूरियां में 93.2 मिमी, धौला कुआं में 67 मिमी, जुब्बड़हट्टी में 62.2 मिमी और कंडाघाट में 45.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है.

कई दिनों से लगातार हो रही बारिश
बीते 24 घंटे की बात करें तो नंगल डैम में सबसे ज्यादा 115.0 मिलीमीटर बारिश हुई. इससे पहले शनिवार को नाहन में सबसे ज्यादा 196.0 मिलीमीटर बारिश हुई थी. बीते 24 घंटे में कसौली में 87.0, ऊना में 86.0, नैना देवी में 82.2, ओलिंडा में 79.0, बीबीएमबी में 73.0, नादौन में 72.5, पांवटा साहिब में 62.0, सुजानपुर टिहरा में 60.6 और धौलाकुआं में 56.5 मिलीमीटर बारिश हुई. वहीं, हमीरपुर के नेरी में 37.04 और ऊना में 35.19 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चली. कांगड़ा और सुंदरनगर में लोगों को तूफान का भी सामना करना पड़ा.
लोगों को सुरक्षित जगह पर रहने की अपील
बता दें कि 1 जून से शुरू हुए मॉनसून के दौरान राज्य में बारिश की कमी 10 अगस्त तक 28 प्रतिशत रही और हिमाचल प्रदेश में औसत 455.5 मिमी के मुकाबले 328.8 मिमी के मुकाबले 328.8 मिमी बारिश हुई. वहीं, लाहौल और स्पीति जिले का कुकुमसेरी रात में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. जबकि ऊना दिन में सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 33.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम में पेड़ों के नीचे शरण न लेने और बिजली के तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है.