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हिमाचल प्रदेश: 4 नगर निगमों, 6 नगर पंचायतों और 128 प्रधान पद की सीटों पर वोटिंग, 2022 का लिटमस टेस्ट

हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगम, छह नगर पंचायत और 128 पंचायत प्रधान की सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है. हिमाचल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे ये चार नगर निगमों का चुनाव प्रदेश सत्ताधारी बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं. 

हिमाचल प्रदेश में वोटिंग हिमाचल प्रदेश में वोटिंग
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हिमाचल प्रदेश की चार नगर निगम सीटों पर चुनाव
  • हिमाचल की 6 नगर पंचायत सीटों पर भी वोटिंग
  • हिमाचल निकाय चुनाव 2022 विधानसभा चुनाव का लिटमस टेस्ट

हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगम, छह नगर पंचायत और 128 पंचायत प्रधान की सीटों पर वोटिंग शुरू हो गई है. धर्मशाला के अलावा अन्य तीन नगर निगम और छह नगर पंचायत नवगठित हुई हैं, जिन पर चुनाव हो रहे हैं. हिमाचल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे ये चार नगर निगमों के चुनाव प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं. 

धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन नगर निगमों के चुनाव के साथ चिरगांव, नेवड़ा, अनी, निरमंद, कंडाघाट और अमब नगर पंचायतों में चुनाव हो रहे हैं. धर्मशाला नगर निगम को छोड़कर बाकी नगर निगम और नगर पंचायत सीटें पहली बार गठित हुई हैं. ऐसे में देखना होगा कि नगर निगम की सत्ता की चाबी किसके हाथ लगेगी. यही वजह है कि पक्ष-विपक्ष के बड़े चेहरे गली-गली घूमकर वोट मांगते नजर आए. 

बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रचार की कमान संभाली है जबकि कांग्रेस की ओर से नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री के साथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर मोर्चा पर लगे हैं. ऐसे में नगर निगम के चुनाव नतीजों को जयराम ठाकुर से लेकर विपक्ष नेताओं के लिए भी लिटमस टेस्ट माना जा रहा है. 

हिमाचल प्रदेश की दूसरी राजधानी कहे जाने वाले धर्मशाला नगर निगम पर हर किसी की नजर है. यहां पिछली बार कांग्रेस का कब्जा रहा था, लेकिन इस बार बीजेपी ने यहां पूरी ताकत झोंक दी है. कांग्रेस भी इस सीट को अपने हाथों से खोना नहीं चाहती है तभी यहां पर पार्टी नेता गुटबाजी को भुलाकर हाथ में हाथ डालकर प्रचार करते नजर आए. 

पालमपुर, सोलन में नगर निगम में पहली बार हो रहे चुनाव के लिए दोनों दल मेयर की कुर्सी पर नजर गढ़ाए बैठे हैं. सीएम जयराम ठाकुर ने तो यहां तक कहा कि सोलन, मंडी और पालमपुर में हमारा विधायक नहीं है लिहाजा यहां मेयर अपना होना चाहिए. 

नगर निगम बनने के बाद पहली बार हो रहे मंडी नगर निगम के चुनाव पर हर किसी की नजरें लगी हुई हैं. इसी वजह से छोटी काशी के इस बड़े दंगल में दिग्गजों ने खूब पसीना बहाया. मुख्यमंत्री का गृह जिला होने के कारण यह राजनीति के चाणक्य कहे जाने वाले पंडित सुखराम की कर्मभूमि भी है. पालमपुर में 15 वार्ड हैं जबकि सोलन नगर निगम के 17 वार्डों में चुनाव हो रहे हैं.


 

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