हरियाणा की राजनीति में इन दिनों पारा काफी चढ़ा हुआ है. सभी पार्टियां अपने अपने संगठन को मजबूत करने के लिए काम कर रही हैं. वहीं, लोकसभा चुनाव भी नजदीक है. सभी पार्टियां अपनी अपनी जीत का दावा भी कर रही हैं. लिहाजा, इन दिनों पार्टी छोड़ने और ज्वाइन करने वालों की संख्या भी काफी बढ़ रही है.
हरियाणा की बात करें, तो मुख्य मुकाबला कांग्रेस और बीजेपी में रहने वाला है. आज पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के गढ़ कह जाने वाले रोहतक में बीजेपी ने सेंधमारी कर दी है. भजन लाल की सरकार में हरियाणा के श्रम मंत्री रहे कृष्णमूर्ति हुड्डा ने कांग्रेस को अलविदा कह दिया है.
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कृष्णमूर्ति 12 फरवरी को भाजपा में होंगे शामिल
कृष्णमूर्ति हुड्डा अब 12 फरवरी को बीजेपी में शामिल होने जा रहे हैं. भूपेंद्र हुड्डा और उनके बेटे दीपेंद्र हुड्डा को घेरने के लिए कृष्णमूर्ति हुड्डा के भाजपा में आने से पार्टी को बड़ा फायदा होगा. दरअसल, कृष्णमूर्ति हुड्डा भूपेंद्र सिंह हुड्डा के हल्के से ही आते हैं. उनके समर्थकों में उनकी अच्छी पकड़ भी है.
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कई विधायकों का करियर किया खत्म
कृष्णमूर्ति हुड्डा ने कांग्रेस छोड़ने का आरोप भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर लगाया है. कृष्णमूर्ति ने कहा कि वे कांग्रेस में पचास साल से कर्मठ कार्यकर्ता के रूम में काम कर रहे हैं. मगर, अब हरियाणा कांग्रेस में बाप-बेटे ने कब्जा कर लिया है. उनकी गलत नीतियों के कारण कांग्रेस में सीनियर लीडर्स अनदेखी के शिकार हुए हैं.
रोहतक, झज्जर, सोनीपत में इन्होंने विधायक रहे लोगों का करियर खत्म कर दिया है. इन्होंने किसी को भी उभरने नहीं दिया है. हुड्डा के कारण राव इंद्रजीत, कुलदीप बिशनाई, चौधरी बीरेंद्र सिंह, अरविंद शर्मा जैसे कई बड़े नेता कांग्रेस छोड़ गए.
दीपेंद्र हुड्डा एक लाख वोटों से हारेंगे- कृष्णमूर्ति
उन्होंने कहा कि मैं भूपेंद्र सिंह हुड्डा की वजह से कांग्रेस छोड़कर 12 फरवरी को बीजेपी में शामिल होने जा रहा हूं. मुख्यमंत्री और प्रदेशाध्यक्ष नायब सैनी की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ बीजेपी ज्वाइन करूंगा. पिछले बार बाप बेटा हारे थे. इस बार भी दीपेंद्र हुड्डा एक लाख वोटों से हारेंगे.