चलती ट्रेन में इंसानियत और समझदारी की मिसाल देखने को मिली, जब एक गर्भवती महिला ने सफर के दौरान ही बच्ची को जन्म दे दिया. यह मामला फरीदाबाद का है, जहां माता वैष्णो देवी कटरा से लौट रही एक महिला को समय से पहले लेबर पेन शुरू हो गया. ट्रेन में मौजूद महिलाओं ने हालात को समझते हुए आपसी सहयोग से डिलीवरी कराई.
दरअसल, यह घटना 1 जनवरी की है. महिला ट्रेन से अपने घर लौट रही थी, तभी अचानक उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी. हालात ऐसे बने कि ट्रेन में ही डिलीवरी करानी पड़ी. महिला और नवजात दोनों सुरक्षित हैं और बाद में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया.
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आठ महीने की गर्भवती थी महिला, सफर में शुरू हुआ दर्द
जानकारी के अनुसार, ट्रेन में बच्ची को जन्म देने वाली महिला की पहचान अभिलाषा के रूप में हुई है. वह अपने पति जवाहरलाल के साथ सफर कर रही थी. दंपति मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के सिटोली गांव का रहने वाला है. महिला आठ महीने की गर्भवती थी और उसकी डिलीवरी समय से पहले हो गई.
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना श्री माता वैष्णो देवी कटरा–जबलपुर एक्सप्रेस (11450) में हुई. महिला और उसका पति जम्मू-कश्मीर में रहकर काम करते हैं. चूंकि महिला की डिलीवरी कभी भी हो सकती थी, इसलिए पति उसे लेकर गांव लौट रहा था.
तुगलकाबाद के बाद बढ़ी पीड़ा, महिलाओं ने संभाली स्थिति
शुक्रवार दोपहर ट्रेन दिल्ली पहुंची, जहां से महिला को हल्का दर्द महसूस होने लगा. तुगलकाबाद रेलवे स्टेशन पार करने के बाद दर्द अचानक तेज हो गया और महिला की हालत बिगड़ने लगी. असहनीय पीड़ा देख पति ने आसपास मौजूद महिलाओं से मदद की गुहार लगाई.
S-5 कोच में मौजूद महिलाओं ने स्थिति को तुरंत समझ लिया. उन्होंने अनुमान लगाया कि महिला की डिलीवरी होने वाली है. इसके बाद यात्रियों की मदद से सीटों के चारों ओर पर्दा लगाया गया और बाकी लोगों को दूसरी ओर भेज दिया गया.
चादर-कंबल से बनाया पर्दा, ट्रेन में कराई डिलीवरी
महिलाओं ने अपने पास मौजूद चादर, शॉल और कंबल इकट्ठा कर गर्भवती महिला को ढक दिया. कुछ अनुभवी महिलाओं की मदद से चलती ट्रेन में ही सुरक्षित डिलीवरी कराई गई. महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया.
डिलीवरी के बाद ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने तुरंत रेलवे को सूचना दी. किसी यात्री ने रेलवे कंट्रोल रूम पर कॉल कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी, जिसके बाद रेलवे प्रशासन हरकत में आया.
फरीदाबाद स्टेशन पर रोकी गई ट्रेन, अस्पताल पहुंचाया गया
सूचना मिलते ही ट्रेन को ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर रोका गया. महिला के लिए ट्रेन करीब 26 मिनट तक स्टेशन पर खड़ी रही. रेलवे मेडिकल की महिला स्टाफ मौके पर पहुंची और मां व नवजात की जांच की.
इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की महिला पुलिसकर्मियों की मदद से मां और बच्ची को एंबुलेंस के जरिए बीके अस्पताल पहुंचाया गया. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, महिला और उसकी नवजात बच्ची दोनों पूरी तरह सुरक्षित हैं. इस घटना में ट्रेन में सफर कर रही महिलाओं की सूझबूझ और इंसानियत ने बड़ी भूमिका निभाई.