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हरियाणा में ब्लैक फंगस से 14 की मौत, 226 मामले, पंजाब में भी बढ़े केस

हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 मई को इसे अधिसूचित रोग घोषित कर दिया था. वहीं पंजाब सरकार के पास अब तक ब्लैक फंगस के मरीजों का कोई भी अधिकारिक आंकड़ा नहीं है.

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प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो-Reuters)
प्रतीकात्मक तस्वीर ( फोटो-Reuters)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • हरियाणा-पंजाब पर ब्लैक फंगस का कहर
  • बढ़ते मामलों के बीच सरकार की तैयारी
  • डॉक्टरों को दी जा रही खास ट्रेनिंग

हरियाणा में ब्लैक फंगस के अब तक 226 से ज्यादा केस आ चुके हैं. प्रदेश के विभिन्न जिलों में 14 लोगों की मौत हो चुकी है. हरियाणा सरकार ने ब्लैक फंगस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 15 मई को ब्लैक फंगस को अधिसूचित रोग घोषित कर दिया था. वहीं इस बीमारी से निपटने के लिए सरकार ने ब्लैक फंगस को लेकर डॉक्टरों को प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है. 

हरियाणा में बढ़ा ब्लैक फंगस का कहर

जानाकारी मिली है कि प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में 20-20 बेड्स को आरक्षित किया जा रहा है. वहीं क्योंकि अभी बाजार में इसके इंजेक्शन की कमी है, ऐसे में हरियाणा सरकार दवा खरीदकर सीधे मेडिकल कॉलेजों को देने की तैयारी कर रही है. हरियाणा के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने कहा कि ब्लैक फंगस को लेकर तमाम जिलों में निर्देश दिए गए हैं कि अगर कोई भी मरीज सामने आता है तो उसे लेकर तुरंत ही जानकारी जिले के सीएमओ को दी जाए और मल्टीस्पेशलिटी डॉक्टरों की एक टीम बनाकर ब्लैक फंगस का इलाज किया जाए.

बताया गया है कि ब्लैक फंगस को लेकर केंद्र सरकार से 12000 के आसपास इंजेक्शन मांगे गए हैं और लगातार पूरे हिंदुस्तान में जहां-जहां से ब्लैक फंगस की दवा मिल सकती है, उन दवाओं का आर्डर किया जा रहा है. राज्य सरकार का प्रयास है कि कोरोना के बाद अब ब्लैक फंगस भी महामारी का रूप ना ले.

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वही पीजीआई चंडीगढ़ में भी लगातार ब्लैक फंगस के मरीज सामने आ रहे हैं. पीजीआई चंडीगढ़ में इस वक्त करीब 22 मरीजों का अलग-अलग विभागों में इलाज चल रहा है. ब्लैक फंगस की वजह से किसी के जबड़े में दिक्कत है तो किसी की आंखों की रोशनी कम हो रही है. बिगड़ती स्थिति को देखते हुए इस समय पीजीआई चंडीगढ़ का एडवांस आई केयर सेंटर, डेंटल डिपार्टमेंट और ईएनटी डिपार्टमेंट मिलकर लगातार मरीजों का इलाज कर रहे हैं.

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पंजाब में भी चिंता बढ़ाने वाले आंकड़े

वहीं पंजाब सरकार के पास अब तक ब्लैक फंगस के मरीजों का कोई भी अधिकारिक आंकड़ा नहीं है. हालांकि पंजाब के अमृतसर में 9 और लुधियाना में 4 ब्लैक फंगस के मरीज सामने आए हैं और अमृतसर में 3 लोगों की आंखों की रोशनी भी चली गई है. ऐसे में अब पंजाब सरकार ने भी ब्लैक फंगस को रोकने के लिए तमाम तैयारियां शुरू कर दी हैं.  

सीएम अमरिंदर सिंह की तरफ से कहा गया है कि डॉक्टरों को ट्रेनिंग दी जा रही है और इस बीमारी को भी महामारी रोग अधिनियम के तहत अधिसूचित कर दिया गया है. वहीं ब्लैक फंगस को लेकर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि पिछले दो-तीन दिन में ब्लैक फंगस के केस पंजाब में बढ़ने शुरू हुए हैं लेकिन उसके लिए जो जरूरी इंजेक्शन हैं वो मार्केट में उपलब्ध नहीं हैं. इसको लेकर हम लगातार बैठक कर रहे हैं और केंद्र से भी जरूरी दवाएं मांग रहे हैं. अभी के लिए हमें केंद्र की तरफ से कुछ दवाएं मिल रही हैं और कुछ नहीं मिल पा रही हैं.  

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