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मनोहर लाल खट्टर का कैबिनेट विस्तार लटका, फंसा है कौन सा पेच

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी के बीच मंत्रिमंडल को लेकर कई दिनों से पेच फंसा हुआ है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 27 अक्टूबर को शपथ ले ली थी, लेकिन अभी तक अपने मंत्रिमंडल का गठन नहीं कर पाए.

कैबिनेट विस्तार पर दुष्यंत चौटाला और मनोहर लाल खट्टर में चर्चा (फोटो-PTI) कैबिनेट विस्तार पर दुष्यंत चौटाला और मनोहर लाल खट्टर में चर्चा (फोटो-PTI)

  • अगले दो-तीन दिनों के भीतर हो सकता है कैबिनेट का विस्तार
  • अमित शाह और खट्टर की मुलाकात में तय हो चुका मंत्रिमंडल

हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) के बीच मंत्रिमंडल को लेकर कई दिनों से पेच फंसा हुआ है. मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने 27 अक्टूबर को शपथ ले ली थी, लेकिन अभी तक अपने मंत्रिमंडल का गठन नहीं कर पाए.

भारतीय जनता पार्टी और जननायक जनता पार्टी के नेता कैबिनेट विस्तार में हुई देरी को लेकर अपने-अपने राग अलाप रहे हैं. कैबिनेट विस्तार पर नजर गड़ाए भाजपा के विधायकों का मानना है कि गृह मंत्री अमित शाह महाराष्ट्र विवाद सुलझाने में लगे हुए हैं, इसलिए देरी हो गई. जबकि जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) नेताओं के मुताबिक विस्तार अयोध्या विवाद पर आने वाले फैसले के मद्देनजर टाल दिया गया था.

हालांकि पार्टी सूत्र बता रहे हैं कि रविवार को दिल्ली में मनोहर लाल खट्टर, अमित शाह, जगत प्रकाश नड्डा समेत दूसरे नेताओं के बीच चली दो घंटे की मैराथन बैठक के दौरान मंत्रिमंडल को अंतिम रूप दे दिया गया है.

दो-तीन दिन में कैबिनेट विस्तार

जननायक जनता पार्टी प्रमुख दुष्यंत चौटाला की मानें तो अगले दो-तीन दिनों के भीतर कैबिनेट को विस्तार मिल सकता है. पहले कयास लगाए जा रहे थे कि मंगलवार को मंत्रिमंडल के सदस्य शपथ ले सकते हैं. हरियाणा के आला अधिकारियों को फिलहाल उसकी कोई सूचना नहीं है. लेकिन उनको स्टैंडबाई मोड में रहने को कहा गया है. फिलहाल मंगलवार को कोई विस्तार नहीं होने वाला और अब सभी की नजरें बुधवार पर है जब कैबिनेट विस्तार हो सकता है.

भाजपा से जुड़े सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल विस्तार का पेच जननायक जनता पार्टी की जिद्द को लेकर टला हुआ था. दुष्यंत चौटाला अपनी पार्टी के कम से कम दो विधायकों को मंत्रिमंडल में शामिल कराना चाहते हैं. यही नहीं पार्टी की नजर वित्त, कृषि जैसे अहम विभागों पर भी है.

भाजपा नेता कह रहे हैं कि अमित शाह ने हरियाणा कैबिनेट को अंतिम मंजूरी दे दी है. लेकिन इस कैबिनेट में कितने आजाद, कितने जननायक जनता पार्टी और कितने भाजपा विधायक  शामिल होंगे, फिलहाल इस पर संशय बरकरार है.

दरअसल, जननायक जनता पार्टी के विधायक जिन बड़े विभागों पर नजर गड़ाए हुए हैं, वो अहम हैं. भारतीय जनता पार्टी पहली बार विधायक चुने गए नेताओं को बड़े विभागों की जिम्मेवारी सौंपने से कतरा रही है. उधर भारतीय जनता पार्टी के पास अनिल विज जैसे सीनियर विधायक भी हैं जो पहले उप मुख्यमंत्री की कुर्सी पर दावा ठोक रहे थे.

देखना दिलचस्प होगा कि क्या जननायक जनता पार्टी हरियाणा के अहम विभागों को झटकने में कामयाब होती है या नहीं. दरअसल भाजपा जननायक जनता पार्टी के नेताओं की नाराजगी मोल नहीं लेना चाहती, इसलिए हर कदम फूंक-फूंक कर रख रही है.

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