गुरुग्राम स्थित मेदांता - दि मेडिसिटी ने आयुर्वेद हॉस्पिटल के साथ मिलकर मेदांता- आयुर्वेद की शुरुआत की है. इससे आधुनिक चिकित्सा और प्राचीन चिकित्सा प्रणालियों से बेहतरीन इलाज संभव हो सकेगा. भारत में यह पहली बार है, जब किसी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में एलोपैथी और आयुर्वेद से इलाज होगा. आधुनिक चिकित्सा और आयुर्वेद के इस मेल को भारतीय चिकित्सा क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी माना जा रहा है.
मेदांता के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान के मुताबिक आधुनिक चिकित्सा प्रणाली में जो दवाएं, एन्टी बायोटिक्स या थेरेपी मरीजों को दी जाती है, उसके फायदे के साथ ही साइड इफेक्ट्स भी होते है. ऐसे में अगर हम एलोपैथी के साथ आयुर्वेद को साथ लेकर चलते हैं, तो इससे साइड इफेक्ट्स भी कम हो जाएंगे और मरीजों की बीमारियों से लड़ने की इम्युनिटी भी बढ़ेगी. सबसे बड़ी बात ये है कि इससे दवाएं और थेरेपी सस्ती होंगी.
डॉक्टर त्रेहान ने इसे भारतीय चिकित्सा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया है. उनका कहना है कि इससे हम न सिर्फ जटिल बीमारियों से लड़ने के लिए नई तकनीक को ईजाद करने में सफल होंगे, बल्कि मरीजों की शारीरिक क्षमता को भी बढ़ाने में मदद करेंगे. इससे कोई भी व्यक्ति भविष्य में दोबारा उसी बीमारी का शिकार नहीं होगा.
वहीं, आयुर्वेद हॉस्पिटल के एमडी राजीव वासुदेवन ने कहा कि आयुर्वेद अब केवल मसाज और ऊपरी थेरेपी तक सीमित नहीं है. आयुर्वेद में इतना शोध हो चुका है कि अब हम मॉडर्न मेडिसिन के साथ मिलकर चिकित्सा क्षेत्र में नए कीर्तिमान हासिल कर सकते हैं. खास तौर पर महिलाओं के लिए आयुर्वेद में बहुत कुछ है.
उन्होंने बताया कि इनफर्टिलिटी (बांझपन) की समस्या से निपटने के लिए भी बहुत सारे उपाय और दवाइया आयुर्वेद में हैं, जो किफायती होने के साथ-साथ फायदेमंद हैं. इससे भी अहम बात यह है कि इसमें कोई साइड इफेक्ट नहीं है.
वासुदेवन ने बताया कि कैंसर जैसी जानलेवा बीमारियों में दवाएं और कीमोथेरेपी के कई साइड इफेक्ट्स होते है. साथ ही एलोपैथी दवाएं काफी महंगी होती हैं. मेदांता आयुर्वेद अब कैंसर के मरीजों के लिए नई थेरेपी और दवाएं लेकर आएगा, जो सस्ती होंगी और इनके साइड इफेक्ट्स भी नहीं होंगे.
मेदांता मेडिसिटी के सीईओ पंकज साहनी का मानना है कि आयुर्वेद हमारी प्राचीन चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा है, जिसमें कई शोध हुए हैं और ये बेहद प्रभावी भी हैं. मेदांता और आयुर्वेद का ये संगम प्राचीन चिकित्सा प्रणाली को और भी बेहतर बनाएगा. इसका मुख्य उद्देश्य भारत के साथ ही दुनिया भर में आयुर्वेदिक दवाओं और थेरेपी को एलोपैथी के साथ जोड़कर नई और किफायती चिकित्सा प्रणाली प्रदान करना है.