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गुरुग्राम के सहारा मॉल पर एक्शन, पॉल्यूशन विभाग ने किया सील

पॉल्यूशन विभाग ने मॉल प्रबंधन पर जुर्माना लगाया था. विभाग की ओर से इस संबंध में खामियों को दुरुस्त कराने के लिए दी जाती रही नोटिस को मॉल प्रबंधन हल्के में लेता रहा.

गुरुग्राम का सहारा मॉल गुरुग्राम का सहारा मॉल
स्टोरी हाइलाइट्स
  • सील हुआ एमजी रोड का सहारा मॉल
  • सीवर ट्रीटमेंट प्लांट को लेकर कार्रवाई
  • 2018 से ही नोटिस दे रहा था विभाग 

हरियाणा के गुरुग्राम में पॉल्यूशन विभाग एक्शन में है. विभाग ने एमजी रोड स्थित सहारा मॉल सोमवार के दिन सील कर दिया. पॉल्यूशन विभाग ने यह कार्रवाई मॉल में सीवरेज ट्रीटमेंट की व्यवस्था को लेकर बरती जा रही लापरवाही और खामियों के चलते की.

बताया जाता है कि दो साल पहले साल 2018 के नवंबर महीने में पॉल्यूशन विभाग ने सहारा मॉल के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के सैंपल्स लिए थे. जांच के बाद इन सैंपल्स में खामी पाई गई. तब पॉल्यूशन विभाग ने मॉल प्रबंधन पर जुर्माना लगाया था. विभाग की ओर से इस संबंध में खामियों को दुरुस्त कराने के लिए दी जाती रही नोटिस को मॉल प्रबंधन हल्के में लेता रहा.

पॉल्यूशन बोर्ड के चेयरमैन ने मॉल प्रबंधन के लापरवाह रवैये को देखते हुए सीलिंग के आदेश दिए थे. मॉल सील किए जाने के बाद दुकानदार पशोपेश में हैं. दुकानदारों का कहना है कि उनसे हर महीने मॉल प्रबंधन मेंटेनेंस चार्ज लेता है. ऐसे में हम दुकानदारों की क्या गलती है, ये हमें बताया जाए. दुकानदारों का कहना है कि पहले ही लॉकडाउन ने व्यापारियों की स्थिति खराब कर दी है. ऐसे में सीलिंग की कार्रवाई ने दो वक्त की रोटी के जुगाड़ को भी मुश्किल बना दिया है.

कई दुकानदारों की मुश्किल यह है कि किसी तरह अपने गुजारे का जुगाड़ कर भी लें तो वे कर्मचारियों को वेतन का भुगतान का इंतजाम कैसे करेंगे, शॉप का किराया कैसे अदा करेंगे. दूसरी तरफ, पॉल्यूशन विभाग की ओर से की गई इस कार्रवाई पर सवाल भी उठ रहे हैं. लोगों का कहना है कि जब 2018 से ही विभाग की जानकारी में यह मामला था, तो कार्रवाई करने में दो साल का लंबा वक्त क्यों लगा.

 

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