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₹6.50 लाख के लिए दोस्त बना दुश्मन, लाठी-डंडों से पीटा और... डिलीवरी बॉय का अपहरण करने वाला गिरफ्तार

गुरुग्राम में 6.50 लाख रुपये की वसूली के लिए एक डिलीवरी बॉय के अपहरण और मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. दिनदहाड़े हुई वारदात के दौरान आरोपी पीड़ित को कार में डालकर ले जा रहा था. सूचना मिलने पर पुलिस की ईवीआर टीम ने पीछा कर पीड़ित को सुरक्षित छुड़ाया. फिलहाल, दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी. (Photo: Neeraj Vashishta/ITG)
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी. (Photo: Neeraj Vashishta/ITG)

गुरुग्राम में पैसों के लेन–देन से जुड़े एक विवाद ने उस समय सनसनी फैला दी, जब चोरी किए गए रुपये वापस लेने के लिए दो युवकों ने अपने ही दोस्त का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया. हालांकि, गुरुग्राम पुलिस की सतर्कता से यह वारदात समय रहते नाकाम हो गई और पुलिस ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने अपहरण में इस्तेमाल की गई एक कार और एक लकड़ी का डंडा भी बरामद किया है.

दरअसल, यह मामला साइबर सिटी गुरुग्राम का है, जहां एक डिलीवरी बॉय के साथ सरेआम मारपीट और अपहरण की कोशिश की गई. आरोपियों का मकसद पीड़ित को डरा-धमकाकर उससे 6 लाख 50 हजार रुपये वसूलना था, जिसे पीड़ित साल 2024 में चोरी कर लिए थे.

यह भी पढ़ें: गुरुग्राम: स्कार्पियो सवार ने डिलीवरी बॉय को कुचला, घटना CCTV में कैद

डिलीवरी से लौटते वक्त घटी वारदात

गुरुग्राम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि पीड़ित मूल रूप से भिवानी का रहने वाला है और गुरुग्राम की एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करता है. 21 जनवरी की शाम करीब साढ़े पांच बजे वह अपने साथी पंकज के साथ डिलीवरी का काम पूरा कर वापस लौट रहा था. जब वह सुजुकी कंपनी एसबीआई रोड के पास पहुंचा, तभी एक शिफ्ट कार ने उसका रास्ता रोक लिया.

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इसी दौरान एक दूसरी कार भी मौके पर आ गई. कार से उतरते ही जयबीर और अमन अपने साथियों के साथ पीड़ित पर हमला कर दिया. आरोपियों ने लाठी-डंडों से उसकी बेरहमी से पिटाई की और जान से मारने की धमकी देते हुए जबरदस्ती उसे कार में बैठा लिया.

पुलिस की तत्परता से बची जान

दिनदहाड़े अपहरण की यह वारदात देख मौके पर मौजूद किसी राहगीर ने इसकी सूचना पुलिस को दे दी. सूचना मिलते ही पुलिस की ईवीआर टीम मौके पर पहुंच गई. पुलिस को देखकर आरोपी घबरा गए और भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस ने पीछा कर अमन और जयबीर को कार समेत पकड़ लिया और पीड़ित को सुरक्षित छुड़ा लिया.

पुलिस दोनों आरोपियों को थाने ले गई, जहां पूछताछ में जयबीर ने बताया कि पीड़ित उसका दोस्त है. उसने साल 2024 में अपना एक ट्रक बेचा था, जिससे मिले 6 लाख 50 हजार रुपये उसने अपनी कार में रखे थे, जिन्हें पीड़ित ने चुरा लिया था.

रुपये न मिलने पर बनाई थी साजिश

आरोपियों का कहना था कि उन्होंने कई बार रुपये वापस मांगने की कोशिश की, लेकिन जब पैसे नहीं मिले तो उन्होंने पीड़ित को डराने के लिए अपहरण की योजना बनाई. उनका इरादा केवल पैसे वसूलने का था, लेकिन पंकज द्वारा समय रहते पुलिस को सूचना देने से उनकी साजिश नाकाम हो गई.

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पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने यह भी बताया कि दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. मामले की जांच जारी है.

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