scorecardresearch
 

गुरुग्राम में खुले में नमाज... जानें सरकार ने संसद में क्या दिया जवाब

खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (MHA) ने राज्यसभा को बताया कि राज्य सरकार को विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के लिए खुली सरकारी भूमि के उपयोग के संबंध में कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं.

Advertisement
X
खुले में नमाज़ अदा करने का मामला संसद में
खुले में नमाज़ अदा करने का मामला संसद में
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुरुग्राम में खुले में नमाज़ पढ़ने का मामला आज संसद में उठा
  • गुरुग्राम में मस्जिद निर्माण की मांगी गई अनुमति
  • पिछले कई महीनों से खुले में नमाज़ का हो रहा है विरोध

गुरुग्राम में खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर पिछले कई महीनों से विवाद हो रहा है. यह मामला आज बुधवार को संसद में भी उठाया गया. खुले में नमाज़ पढ़ने को लेकर, अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय (MHA) ने राज्यसभा को बताया कि राज्य सरकार को विभिन्न धार्मिक गतिविधियों के लिए खुली सरकारी भूमि के उपयोग के संबंध में कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किए गए हैं.

गुरुग्राम में मस्जिद निर्माण की मांगी अनुमति

उधर 13 दिसंबर को सेंट्रल वक्फ काउंसिल के सदस्य रईस खान पठान ने अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को पत्र लिखकर गुरुग्राम में मस्जिद के निर्माण की अनुमति देने का आग्रह किया है. जिससे लोग वहां सुविधापूर्वक जुम्मे की नमाज अदा कर सकें और उन्हें नमाज के लिए किसी खुले स्थान की ज़रूरत न पड़े.  

पिछले कई महीनों से खुले में नमाज़ का हो रहा है विरोध

बता दें कि गुरुग्राम में खुले में नमाज के विरोध पर इस महीने के शुरुआत में, सेक्टर-37 में नमाज अदा करने वाले स्थान पर तनाव की स्थिति बन गई थी. पुलिस ने इस मामले में करीब आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार भी किया था. 

खुले में नमाज का विरोध करते हुए हिंदू संगठनों का कहना है कि जिस सार्वजनिक जगह पर नमाज की जाती है, उस पर बाद में धर्म विशेष के लोग 'कब्जा' कर लेते हैं. काफी विवाद के बाद गुरुग्राम पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों पर 'नमाज' के स्थान तय किए थे. कहा गया था कि ये स्थान हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों द्वारा आपसी समझ के बाद तय किए गए हैं. 

Advertisement

बीते तीन महीनों से सेक्टर 47,सेक्टर 12 A और अब सेक्टर 37 में जिला प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थानों पर खुले में नमाज़ का विरोध किया जा रहा है. विरोध के कारण शहर में शुक्रवार की नमाज की संख्या घटकर आधी रह गई है. जानकारी के मुताबिक पहले जहां शहर में 37 जगह शुक्रवार को नमाज अदा की जाती थी वहीं अब ये संख्या घटकर 19 रह गई है.

 

Advertisement
Advertisement