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शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर खाप पंचायत में नहीं बनी सर्वसम्मति

हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में बलात्कार रोकने के मकसद से शादी के लिए लड़कियों की उम्र घटाने का समर्थन नहीं किया गया. खाप के कुछ नेताओं ने पुरानी प्रथा का हवाला देते हुए शादी की उम्र घटाने की मांग की थी.

हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत की शनिवार को हुई बैठक में बलात्कार रोकने के मकसद से शादी के लिए लड़कियों की उम्र घटाने का समर्थन नहीं किया गया. खाप के कुछ नेताओं ने पुरानी प्रथा का हवाला देते हुए शादी की उम्र घटाने की मांग की थी.

सर्व खाप जाट पंचायत राज्य की खाप पंचायतों की सर्वोच्च परिषद है जो सरकारी नौकरियों में जाट समुदाय के आरक्षण के लिए आंदोलन करती रही है. इन पंचायतों की यद्यपि कोई कानूनी हैसियत नहीं है लेकिन प्राय: वे गैर कानूनी अदालत के रूप में काम करती हैं. ये अवैध अदालतें सामाजिक मुद्दों पर दिए अपने आदेशों को जबरदस्ती लागू भी कराती हैं.

सर्व खाप जाट पंचायत ने जाट आरक्षण पर विचार करने के लिए यहां की धर्मशाला में बैठक बुलाई जिसमें अधिकांश खाप प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, लेकिन बलात्कार की घटनाएं रोकने के लिए राज्य में लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के लिए सरकार को मजबूर करने के मुद्दे पर सर्वसम्मति नहीं बन पाई. बैठक में लगभग 100 खापों के प्रतिनिधियों ने नफे सिंह नयन के नेतृत्व में हिस्सा लिया. उन्होंने इस मुद्दे पर लगभग पांच घंटे तक विचार-विमर्श किया.

हरियाणा की सर्व खाप जाट पंचायत के प्रवक्ता सुबे सिंह समैन ने पिछले हफ्ते यह विवादास्पद मुद्दा उठाया था. उन्होंने बैठक के बाद बताया कि लड़कियों की शादी की उम्र घटाने के मुद्दे पर कोई प्रस्ताव पारित नहीं हुआ.
सर्व खाप महापंचायत के महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख संतोष दहिया ने कहा, "राज्य में बलात्कार की बढ़ती घटनाओं और शादी की उम्र के बीच कोई सम्बंध नहीं है. लड़कियों की शादी की उम्र घटाने को किसी शर्त पर तर्कसंगत नहीं ठहराया जा सकता." उन्होंने कहा, "जब 10 से 14 साल की लड़कियां भी बलात्कार की शिकार होती हैं, तब आप कैसे कह सकते हैं कि कम उम्र में शादी कर देने से ऐसी घटनाएं थम जाएंगी?"

ज्ञात हो कि राज्य में पिछले एक महीने में बलात्कार की कम से कम 15 घटनाएं हो चुकी हैं. सूबे सिंह पिछले दिनों बलात्कार रोकने के लिए महिलाओं की शादी की उम्र घटाने की सलाह देकर सुर्खियों में आए थे.

इंडियन नेशनल लोक दल (इनलो) प्रमुख एवं राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने सूबे सिंह का समर्थन किया था और कहा था, "मैं इस मुद्दे पर खाप के साथ हूं. इससे महिलाओं का भला होगा."

सर्व खाप पंचायत के प्रमुख रणधीर सिंह ने भी कहा दिया कि सरकार को लड़कियों की शादी की उम्र का निर्धारण उनके अभिभावकों के ऊपर छोड़ देना चाहिए. लेकिन जनवादी महिला समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमती सांगवान ने कहा, "बलात्कार एवं शादी की उम्र के बीच कोई भी सीधा सम्बंध नहीं है. इस प्रस्ताव को ठीक नहीं कहा जा सकता."

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