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गुजरात: कोरोना संकट में बिल्डर की दरियादिली, बिना किराये रहने के लिए दिए 90 फ्लैट

सूरत के एक बिल्डर ने समाज में एक मिसाल पेश की है. बिल्डर ने अपने 90 फ्लैट ना बेचकर लोगों को बगैर किराए के रहने के लिए दिए हैं. साथ ही बिल्डर ने 2 साल तक सिर्फ मेन्टीनेन्स के पैसे वसूलने का फैसला किया है.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर
स्टोरी हाइलाइट्स
  • बिल्डर ने नहीं बेचे अपने फ्लैट्स
  • जरूरतमंदों को बिना रेंट के दिए
  • 2 साल तक देना होगा सिर्फ मेन्टीनेन्स

देश में कोरोना वायरस का कहर लगातार बढ़ता ही जा रहा है. कोरोना वायरस और लॉकडाउन की वजह से कई लोगों के रोजगार पर सीधा असर देखने को मिला है. सूरत में कई टेक्सटाइल और डायमंड इंडस्ट्री इस वजह से बंद हो गई हैं. ऐसे में रोजगार न मिलने के कारण ज्यादातर लोग अपने गांव वापस जाना चाहते हैं. संकट की इस घड़ी में एक बिल्डर ने अपने फ्लैट बिना किराए रहने के लिए दिए हैं.

सूरत के एक बिल्डर ने समाज में एक मिसाल पेश की है. बिल्डर ने अपने 90 फ्लैट ना बेचकर लोगों को बगैर किराए के रहने के लिए दिए हैं. साथ ही बिल्डर ने 2 साल तक सिर्फ मेन्टीनेन्स के पैसे वसूलने का फैसला किया है. बिल्डर के इस कार्य की लोगों ने काफी सराहना भी की है.

सूरत के वराछा वेलंजा तालाब के किनारे स्थित साकारित रुद्राक्ष पैलेस में पांच विंग में कुल 90 फ्लैट बनाए गए हैं. ये फ्लैट सूरत के बिल्डर प्रकाश भालाणी के जरिए बनवाए गए हैं. कोरोना महामारी के बीच आर्थिक तौर पर संकट में फंसे परिवारवालों को राहत देने के लिए बिल्डर ने बिना किराए के फ्लैट रहने के लिए देने का फैसला किया है.

रहने के लिए आए लोग

वहीं बिल्डर प्रकाश भालाणी के 42 फ्लैट में 1500 रुपए के मेन्टीनेन्स पर बगैर किराए पर रहने के लिए लोग आ भी चुके हैं. बिल्डर ने 90 फ्लैट को बेचना फिलहाल स्थगित किया हुआ है. कोरोना संकट के कारण आर्थिक तौर पर संकट में फंसे परिवारवालों को सिर्फ मेन्टीनेन्स लेकर रहने के लिए देने के लिए यह निर्णय किया गया है.

 

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