शुक्रवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी बनासकांठा के बाढ़ पीड़ित लोगों से मिलने पहुंचे. राहुल के बाढ़ दौरे के दौरान उनके काफिले पर पथराव भी हुआ. प्रदर्शन के दौरान लोगों ने मोदी-मोदी के नारे भी लगाए. पथराव की वजह से राहुल गांधी की गाड़ी के शीशे टूट गए. अचानक हुए इस हमले में राहुल गांधी बाल-बाल बचे उन्हें कोई चोट नहीं आई. इससे पहले राहुल जब धानेरा के लालचौक में अपना भाषण देने पहुंचे तो कुछ लोगों ने राहुल गांधी को काले झंडे दिखाये. राहुल ने काले झंडे देखते हुई पुलिस को अपने पास आने के लिए कहा.
ताजा जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी के काफिले पर हुए हमले में कांग्रेसी नेता भरत सिंह सोलंकी घायल हो गए हैं. उधर बनासकांठा के एसपी के मुताबिक जिस व्यक्ति ने राहुल गांधी की कार पर पत्थर फेंका था उसे हिरासत में ले लिया गया है.
The person who threw stones at 's car has been detained, says SP ; Rahul escapes unhurt
— Press Trust of India (@PTI_News)
काले झंडों और खिलाफत में लगे नारों के जवाब में उन्होंने कहा, मैं कल असम गया था, आज राजस्थान और अब गुजरात आया हूं. मैं आपका दुख समझता हूं. इसलिए आज आपके बीच हूं. हालांकि आज ना तो केन्द्र में हमारी सरकार है और ना ही में. लेकिन, मैं और मेरे कार्यकर्ता हमेशा आपके साथ हैं. दो चार काले झंडे दिखाने से कोई फर्क नहीं पड़ता.
गुजरात में सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित धानेरा भी गए, जहां वो ऐसे परिवार वालों से भी मिले जिन्होंने उनके अपनों को बाढ़ में खो दिया है. राहुल ने उन लोगों से मिलकर उन्हें सरकार की ओर से सभी तरह की सहायता जल्द से जल्द मिल पाए इस बात का भरोसा भी दिलाया.
साफ है कि बाढ़ के हालात के बीच कांग्रेस को लेकर अपने सबसे सीनियर साथी अहमद पटेल को बचाने में लगी है. वैसे में कांग्रेस के बनासकांठा जिले की 9 सीट में से 6 सीट पर काबिज कांग्रेस के विधायक बंगलूरु में हैं.