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एक्सपायर रेमडेसिविर इंजेक्शन पर नया स्टिकर चिपकाकर बेच रहे हैं लुटेरे, वड़ोदरा का मामला

वड़ोदरा में कोरोना के इंजेक्शन रेमडिसीवीर का एक बड़ा घोटाला सामने आया है. जानकारी मिली है कि कुछ लोग एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन नया स्टिकर लगाकर बेच रहे हैं. अभी बाजार में इस इंजेक्शन की कालाबाजारी भी हो रही है.

रेमडेसिविर इंजेक्शन की हो रही कालाबाजारी (फाइल फोटो) रेमडेसिविर इंजेक्शन की हो रही कालाबाजारी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रेमडेसिविर इंजेक्शन की हो रही कालाबाजारी
  • वडोदरा पुलिस ने तीन लोगों को किया गिरफ्तार
  • एक्सपायरी इंजेक्शन का स्टीकर बदलकर कमा रहे मुनाफा

कोरोना के मरीजों के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन बहुत जरूरी है. लोग इसके लिए घंटो लाइन में खड़े रहते हैं. कई परिवार इस बात पर रोते हैं कि इंजेक्शन ना मिलने की वजह से उनके अपनों की हालत बिगड़ गई. ऐसे में दिन ब दिन रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग बढती जा रही है. वहीं दूसरी ओर गुजरात में यह इंजेक्शन मिल नहीं रहा है. वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो इस महामारी के वक्त में मुनाफाखोरी के लिए इस इंजेक्शन की कालाबाजारी कर रहे हैं. वडोदरा पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.  

वड़ोदरा पुलिस को खबर मिली थी की कुछ लोग इंजेक्शन के ऊपर छपी कीमत से ज्यादा पैसो में यह इंजेक्शन बेच रहे हैं. पुलिस ने सूचना मिलने के बाद तलाश शुरू की. जिसमें एक डॉक्टर धीरेन नागोरा के पास इंजेक्शन मंगवाया था. जिन्होंने यह इंजेक्शन 7500 में देने की बात की थी. पुलिस ने उसको एक जगह बुलाकर नकली ग्राहक भेजा था और उसको पकड़ लिया है. पुलिस ने उसके दो और साथी को भी पकड़ लिया है.

वहीं वड़ोदरा में कोरोना के इंजेक्शन रेमडेसिविर का एक बड़ा घोटाला सामने आया है. जानकारी मिली है कि कुछ लोग एक्सपायरी डेट का इंजेक्शन नया स्टिकर लगाकर बेच रहे हैं. अभी बाजार में इस इंजेक्शन की कालाबाजारी भी हो रही है. कुछ लोग ज्यादा कीमत वसूल कर यह इंजेक्शन बेच रहे हैं.

वडोदरा की एक सेवाभावी संस्थान ने प्रशासन को आवेदन दिया और उन्होंने बताया की 2020 में बनाई गई इस इंजेक्शन की वेलिडिटी तीन महीने की ही थी. लेकिन बीच में जब केस कम आने लगे तब इस इंजेक्शन का स्टॉक काफी बढ़ गया और आज यह इंजेक्शन बाजार में नहीं मिल रहा. 

ऐसे में कुछ लोग पुरानी वेलिडिटी खत्म हो जाने वाले इंजेक्शन पर नई प्रिंट लगाकर उसको बेच रहे हैं. संस्था के सदस्यों ने इंजेक्शन पर किस प्रकार प्रिंट मिटाकर नयी प्रिंट लगाईं है इसकी भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि एक्सपायरी इंजेक्शन पर ही डेट को बदल कर बाजार में नए इंजेक्शन को तौर पर बेच देते है और उसे बड़ा मुनाफा कमाते हैं.  
 

 

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