गुजरात के राजकोट जिले में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक लगातार भूकंपीय गतिविधियों ने लोगों में चिंता और भय का माहौल पैदा कर दिया है. बुधवार रात 8 बजे से गुरुवार सुबह 8 बजे के बीच कुल 9 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए, जिनकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 2.7 से लेकर 3.8 तक रही.
हालांकि, अभी तक किसी भी जान-माल की हानि की जानकारी नहीं मिली है, लेकिन बार-बार झटकों ने नागरिकों को चिंतित कर दिया है.
पहला भूकंप बुधवार रात 8:43 बजे आया, जिसकी तीव्रता 3.3 थी. इसके बाद गुरुवार सुबह 6:19 बजे 3.8 की सबसे तेज तीव्रता वाला झटका महसूस किया गया. इसके बाद लगभग हर 20-30 मिनट के अंतराल में कई झटके आए, जिनमें तीव्रता 2.7 से 3.2 के बीच थी.
खास बात यह है कि चार झटके 3 से अधिक तीव्रता के थे, जिन्हें लोग स्पष्ट रूप से महसूस कर सके और कई लोग खौफ के चलते अपने घरों से बाहर निकल आए. सभी झटकों का केंद्र उपलेटा से लगभग 27 से 30 किलोमीटर पश्चिम-उत्तर दिशा में बताया गया है.
गुजरात में आम तौर पर कच्छ क्षेत्र भूकंपीय रूप से सक्रिय माना जाता है, लेकिन राजकोट में इतने कम समय में इतने झटकों का आना असामान्य है. यही वजह है कि यह घटना प्रशासन और विशेषज्ञों के लिए भी चिंता का विषय बनी हुई है.
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गांधीनगर स्थित सिस्मोलॉजी केंद्र के अधिकारी बताते हैं कि 4 से कम तीव्रता वाले भूकंप सामान्यतः खतरनाक नहीं माने जाते. लेकिन, इतने सारे झटकों की वजह का पता आने में कुछ समय लग सकता है.
अभी तक राजकोट क्षेत्र में कोई ज्ञात फॉल्ट लाइन नहीं है और भारी मानसून के बाद इस तरह की हलचल देखी जाती है. फिलहाल विशेषज्ञ इस घटना की पूरी जांच कर रहे हैं ताकि भविष्य में किसी नुकसान से बचा जा सके.