गुजरात के कुछ इलाकों में बुधवार को भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई. यह भूकंप शाम करीब 4:35 बजे आया, जिससे आणंद समेत आसपास के जिलों में लोगों ने हल्का कंपन महसूस किया. भूकंप का केंद्र आणंद से करीब 36 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में स्थित बताया गया. किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
सौराष्ट्र क्षेत्र के राजकोट जिले में 21 अप्रैल को 3.2 तीव्रता का भूकंप आया था. इससे पहले गुजरात के अमरेली जिले में 29 मार्च को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे, जिसकी रिक्टर स्केल पर तीव्रता 3.1 मापी गई. यह भूकंप भी शाम करीब 4:10 बजे दर्ज किया गया था, जिसका केंद्र सौराष्ट्र क्षेत्र में अमरेली से लगभग 42 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में 11.6 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था.
सावरकुंडला के विधायक महेश कसवाला ने कहा था, 'पिछले कुछ दिनों में अमरेली में कई हल्के झटके महसूस किए गए हैं. मितियाला गांव के सरपंच ने बताया कि 29 मार्च का भूकंप स्पष्ट रूप से महसूस किया गया.' उन्होंने बताया था कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने आश्वासन दिया है कि आगे की जांच के लिए एक तकनीकी टीम अमरेली भेजी जाएगी.
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बता दें कि अमरेली जिले के सावरकुंडला क्षेत्र में 28 से 29 मार्च के बीच लगातार भूकंपीय गतिविधियां नोटिस की गई थीं. मितियाला क्षेत्र और आसपास के गांवों में निवासियों ने 14 हल्के से मध्यम भूकंपीय झटकों की सूचना दी थी, जिससे स्थानीय लोगों में व्यापक दहशत फैल गई.
गुजरात देश के सबसे अधिक भूकंप-संवेदनशील राज्यों में माना जाता है. यह क्षेत्र कई एक्टिव फॉल्ट लाइंस के पास स्थित है, जिसके कारण यहां समय-समय पर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं. खासकर कच्छ, सौराष्ट्र और मध्य गुजरात के इलाके भूकंपीय गतिविधियों के संवेदनशील माने जाते हैं.