किशन भारवाड़ हत्याकांड केस में आरोपी मौलाना कमर गनी उस्मानी की जमानत याचिका को सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया है. असल में हाई कोर्ट ने उसकी जमानत को खारिज किया था, जिसे आरोपी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. अब सर्वोच्च अदालत ने भी आरोपी को कोई राहत नहीं दी है और हाई कोर्ट के फैसले को ही बरकरार रखा है.
जानकारी के लिए बता दें कि पिछले साल 25 जनवरी को इस्लाम को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणी की गई थी, उस वजह से ही सार्वजनिक रूप से किशन भारवाड़ की हत्या कर दी गई. इसी मामले ने हाई कोर्ट ने केस की गंभीरता को समझते हुए आरोपी की जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. वहीं दूसरी तरफ उस्मान का तर्क ये रहा कि पुलिस ने 90 दिनों के भीतर अपनी जांच पूरी नहीं की, ऐसे में वो बेल का हकदार है. लेकिन अभी के लिए उसे कोई राहत नहीं दी गई है.
अभी तक इस मामले में पीड़ित के परिवार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है. उनकी तरफ से आरोपी के लिए सख्त सजा की मांग की गई थी. वैसे इस मामले में पुलिस की जांच भी काफी तेज रही. मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए बकायदा जाल बिछाया गया था. असल में एटीएस ने पहले आरोपी शब्बीर और इम्तियाज को गिरफ्तार किया. फिर इनसे पूछताछ में कई खुलासे हुए. इनकी निशानदेही पर ही गुजरात एटीएस ने दरगाह में सर्च अभियान चलाया था. वारदात को अंजाम देने वाले आरोपियों को जमालपुर इलाके के मौलाना कमर गनी उस्मानी ने ही गोली-बंदूक मुहैया कराई थी. मौलाना को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. सर्च ऑपरेशन के दौरान वारदात में प्रयुक्त बंदूक बरामद की गई.