अकसर विवादों में रहने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के घर पर आज अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (AMC) का हथौड़ा चला. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने आज ही संजीव भट्ट के घर के निर्माण को लेकर की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए उसे गिराने का आदेश दिया था. इसके बाद अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन ने आदेश का पालन करते हुए कुछ ही देर बाद उनके घर पर किए गए अवैध निर्माण को तोड़ना शुरू कर दिया.

संजीव भट्ट की अवैध निर्माण की ये कानूनी लड़ाई काफी लंबी रही. पूर्व आईपीएस के खिलाफ अवैध निर्माण को लेकर उनके पड़ोसी जयंत पटेल ने ही पहले हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक याचिका दायर की थी. संजीव भट्ट के खिलाफ याचिका करने वाले जंयत पटेल का कहना है कि 2012 में गुजरात हाईकोर्ट ने दो बार फैसला दिया लेकिन संजीव भट्ट उस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में गए. अब सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे तोड़ने का फैसला दिया है.
संजीव भट्ट हाल ही में तब चर्चा में आए थे जब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में लगी पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर को लेकर विवाद हो रहा था. गुजरात कैडर के पूर्व आईपीएस अधिकारी और पीएम मोदी के बड़े आलोचक संजीव भट्ट ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए जिन्ना को स्वतंत्रता सेनानी बताया था और साथ ही उनके योगदान पर गर्व करने की भी बात कही थी.बता दें कि गुजरात के निलंबित IPS अफसर संजीव भट्ट का 2015 में एक कथित ‘सेक्स वीडियो’ भी सामने आया था. इसके बाद गुजरात सरकार के होम डिपार्टमेंट ने उन्हें नोटिस जारी कर दस दिन में जवाब मांगा था.