गुजरात में स्वास्थ्य मंत्री कुमार कनानी के बेटे प्रकाश को कानून का पाठ पढ़ाने वालीं कॉन्स्टेबल सुनीता यादव ने बुधवार को आजतक से बात की. इस दौरान उन्होंने उस दौरान का पूरा किस्सा बयां किया.
सुनीता यादव ने कहा कि उस दिन बड़ी घटना होते-होते रह गई, मेरी किस्मत अच्छी थी कि वहां पर एक FoP का जवान था जिसने वीडियो बनाई. इससे मैं साबित कर सकती हूं कि मैं उस वक्त सही थी.
महिला कॉन्स्टेबल ने कहा कि उस दिन क्या हुआ, ये हम पूरी बात नहीं बता सकते हैं. क्योंकि अभी तक मेरा इस्तीफा स्वीकारा नहीं गया है, इसी कारण वह खुलकर अपनी बात नहीं रख सकती हैं.
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सुनीता यादव ने कहा कि उस दिन की ड्यूटी के दौरान हमने सौ वीडियो बनाए थे, मुझे नहीं पता था कि वो लोग कौन हैं. अगर मुझे पता होता कि ये मंत्री के बेटे हैं तो भी मैं रोकती.
सूरत की महिला कांस्टेबल सुनीता ने पहले मंत्री के बेटे को सबक सिखाया, लेकिन वीडियो वायरल हुआ तो, अब वो इस्तीफे की बात कर रही है। सुनीता के घर पर पहरा बैठा दिया गया है, आखिर क्यों, आइए देखते हैं।
बता दें कि जब उनका वीडियो वायरल हुआ तो उसके बाद उन्होंने इस्तीफे की पेशकश कर दी. हालांकि, अभी तक इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है. ऐसे में सुनीता यादव के घर के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिसवालों को तैनात किया गया है.
दरअसल, सिपाही सुनीता यादव ने मंत्री के समर्थकों को बिना मास्क के रोका था और जब मंत्री के बेटे अपने समर्थकों को छुड़ाने के लिए वहां पहुंचे तो सुनीता यादव ने उनकी एक नहीं सुनी. इसी को लेकर सुनीता का एक वीडियो भी वायरल हुआ. इस मामले में जांच के आदेश दिए जा चुके हैं.