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Gujarat Assembly Election: कांग्रेस ने चुना सॉफ्ट हिन्दुत्व का रास्ता, किया सुंदरकांड और महाआरती का आयोजन

गुजरात में एक बार फिर चुनावी दौर में कांग्रेस ने सॉफ्ट हिदुत्व का रास्ता चुना है. जिसमें कांग्रेस जगह जगह सुंदरकांड और महाआरती के आयोजन कर रही है. ऐसे में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी गुजरात की सत्ता कब्जाने की कोशिश में बैक टू बैक दौरे करने जा रहे हैं.

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो) कांग्रेस नेता राहुल गांधी (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • गुजरात में विधानसभा चुनाव की तैयारी
  • कांग्रेस ने पकड़ा सॉफ्ट हिंदुत्व का रास्ता
  • राहुल गांधी करेंगे गुजरात दौरा

Gujarat Assembly Election: 2017 के गुजरात विधानसभा के चुनाव में कांग्रेस ने जहां सॉफ्ट हिन्दुत्व का रास्ता अपनाते हुए बीजेपी को 99 सीटों पर ही रोक दिया था. इस दौरान राहुल गांधी, गुजरात के सभी जाने माने मंदिर में दर्शन के लिए गये थे. वहीं एक बार फिर 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अब सॉफ्ट हिन्दुत्व का रास्ता चुन लिया है. ऐसे में कांग्रेस सभी शहरों के बड़े मंदिरों में सुंदरकांड पाठ और महाआरती का आयोजन किया है.

कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस की महिला विंग रामकथा, गणेश पूजन, महादेव आरती और नवरात्रि समेत कार्यक्रम का आयोजन करेगी. इसके अलावा महिला कांग्रेस विंग सत्यनारायण की कथा, सुंदरकांड और भजनसंध्या जैसे कार्यक्रम का आयोजन भी करेगी.

वहीं राहुल गांधी जून महीने में गुजरात का दौरा करेंगे. राहुल गांधी के गुजरात दौरे को लेकर कांग्रेस के नेता जबरदस्त तैयारी में जुटे हुए हैं. राहुल गांधी के जून के कार्यक्रम में वो गुजरात के सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में बड़ी जनसभा को संबोधित करेंगे. ऐसे में जैसे जैसे चुनाव नजदीक आता जाएगा, राहुल के गुजरात दौरे भी बढ़ते जाएंगे. 

माना जा रहा है कि इस बार कांग्रेस उत्तर गुजरात पर अपनी नजर टिकाए हुए है. दरअसल, उत्तर गुजरात की 32 सीट में से बीजेपी के पास 12 सीट हैं, जब कि कांग्रेस के पास 20 सीट हैं. यहां पर अभी भी कांग्रेस काफी मजबूत है. ऐसे में कांग्रेस ओबीसी वोट के जरिए अपनी उत्तर गुजरात की सीटों को बनाए रखना चाहती है. 

वहीं कांग्रेस हिन्दुत्व के साथ साथ संगठन को मजबूत करने का काम भी कर रही है. हालांकि कांग्रेस पिछले 27 साल से शहरी इलाके अहमदाबाद, राजकोट, वडोदरा और सूरत जैसे शहरों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पायी है. ऐसे में राहुल गांधी के साथ अलग अलग समाज कैसे अपनी समस्याओं पर बातचीत करे, इसे लेकर भी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा. शहरी इलाकों की मानसिकता को जानने और उन्हें कांग्रेस की और मोड़ने के लिए कांग्रेस के जरिए प्रयास किया जाएगा. 

गुजरात में आदिवासी वोट बेंक में इस वक्त कांग्रेस का पलड़ा भारी है. ऐसे में कांग्रेस उन आदिवासी इलाकों में ज्यादा से ज्यादा वोटिंग हो और ज्यादा से ज्यादा नेता आदिवासी के घर तक पहुंचे, इसका प्रयास कर रही है. जिस के तहत जो आदिवासी नेता कांग्रेस को हाल ही में छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए हैं उसी भिलोडा और खेडब्रह्मा जैसे इलाके में कांग्रेस बुधवार से नवसंकल्प जन सम्मलेन की शुरुआत कर रही है. 
 

 

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