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गुजरात: सरोगेट मदर चाइल्ड ट्रैफिकिंग में जेल में बंद, दो दिन के बच्चे की कस्टडी के लिए HC पहुंचे जेनेटिक पैरेंट्स

राजस्थान के रहने वाले इस दंपति की कोई संतान नहीं थे. वे गुजरात के अहमदाबाद में अपने रिश्तेदार के यहां आए थे. यहां उनकी मुलाकात मेहसाणा की एक तलाकशुदा महिला से हई. वह उनके बच्चे के लिए सरोगेट मां बनने के लिए तैयार हो गई. लेकिन बाद में पता चला कि उन लोगों ने जिस महिला से समझौता किया है, वह बच्चे चोरी करने वाली गैंग की सदस्य है.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो
स्टोरी हाइलाइट्स
  • साबरमती जेल में बंद है सरोगेट मदर
  • कस्टडी के लिए HC पहुंचे जेनेटिक पैरेंट्स

गुजरात में सरोगेसी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है. यहां सरोगेसी से पैदा हुई दो दिन की बच्ची के बायोलॉजिकल माता पिता ने कस्टडी के लिए गुजरात हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. दरअसल, सरोगेट मां एक आपराधिक मामले में आरोपी है. 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि वे बच्ची की बायोलॉजिकल माता पिता हैं. उन्होंने सरोगेट मां से बच्ची की कस्टडी दिलाने की मांग की है. वहीं, बच्ची को जन्म देने वाली सरोगेट मां आपराधिक मामले में साबरमती जेल में बंद है. 

वहीं, कोर्ट ने इस मामले में पुलिस प्रशासन को नोटिस जारी किया है और उन्हें आदेश दिया है कि वे अगली सुनवाई पर जन्म देने वाली मां के पास मौजूद रहें. 

राजस्थान का रहने वाला है कपल

याचिकाकर्ता राजस्थान के रहने वाले हैं. उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने उन्हें बच्चे की कस्टडी देने से इनकार कर दिया. जबकि बच्चे को जन्म देने वाली मां जो अहमदाबाद की रहने वाली हैं, उसने उनके साथ एग्रीमेंट किया था कि जन्म के तुरंत बाद वह बच्ची को उन्हें सौंपेगी. 

बच्ची का जन्म अहमदाबाद के सरकारी अस्पताल में 21 जून को हुआ. याचिकाकर्ता ने इस केस में साबरमती जेल के अधिकारियों, अहमदाबाद सिविल अस्पताल के अधिकारियों, गुजरात सरकार और गोमतीपुर पुलिस अफसर और सरोगेट मां को प्रतिवादी बनाया है. 

क्या कहा गया है याचिका में ? 

याचिकाकर्ताओं ने दावा किया है कि यह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है कि नवजात शिशु को उसकी किसी गलती के बिना सजा मिल रही है. इसके साथ ही अधिकारियों द्वारा याचिकाकर्ताओं को बिना किसी वैध कारण के बच्ची की कानूनी रूप से कस्टडी देने से इनकार किया जा रहा है. याचिका में यह भी कहा गया है कि बच्ची को मां के साथ साबरमती जेल ले जाया गया है. भले ही अधिकारी किसी विशेष वार्ड में बच्ची की उचित देखभाल करें, लेकिन यह बच्चे की मानसिक स्थिति को प्रभावित करेगा. 

क्या है पूरा मामला?

दरअसल, राजस्थान के रहने वाले इस दंपति की कोई संतान नहीं थे. वे गुजरात के अहमदाबाद में अपने रिश्तेदार के यहां आए थे. यहां उनकी मुलाकात मेहसाणा की एक तलाकशुदा महिला से हई. वह उनके बच्चे के लिए सरोगेट मां बनने के लिए तैयार हो गई. लेकिन बाद में पता चला कि उन लोगों ने जिस महिला से समझौता किया है, वह बच्चे चोरी करने वाली गैंग की सदस्य है. 

इस साल फरवरी में बच्चे का अपहरण कर 2 लाख रुपए में बेचने के आरोप में महिला को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया गया था. इसके बाद सेशन कोर्ट ने महिला को जमानत देने से इनकार कर दिया. तब से वह साबरमती जेल में बंद है. 

पुलिस ने महिला को सौंपा बच्चा

रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची के जन्म के बाद जब  बायोलॉजिकल माता पिता को पता चला तो वे सिविल अस्पताल गए. यहां उन्हें महिला ने बच्चा सौंप दिया. लेकिन पुलिस ने इसका विरोध किया और बच्चे को वापस ले लिया. पुलिस बच्चे की कस्टडी के लिए कोर्ट के आदेश पर जोर दे रही है क्योंकि सरोगेट मां न्यायिक हिरासत में है. 

 

 

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