अहमदाबाद के मेट्रो कोर्ट कंपाउंड में स्थित जिला रजिस्ट्रार और स्पेशल मैरिज रजिस्ट्रेशन कार्यालय में उस समय विवाद खड़ा हो गया जब एक हिंदू युवती मुस्लिम युवक से शादी करने के लिए वकील के कपड़ों में वहां पहुंच गई. युवती के वहां पहुंचने की जानकारी जैसे ही उसके परिवार को मिली, वो भी तुरंत मौके पर पहुंच गए. कुछ देर बाद हिंदू संगठनों के नेता और कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंचकर विरोध करने लगे.
जानकारी के अनुसार गांधीनगर जिले में रहने वाली हिंदू युवती और अहमदाबाद में रहने वाला मुस्लिम युवक सुबह शादी के लिए जिला रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे थे. रजिस्ट्रार एम.एम. सैयद का कार्यालय सुबह 11 बजे खुलना था, लेकिन दोनों सुबह करीब 9.30 बजे ही वहां पहुंच गए. परिवार के कुछ लोग पहले से ही परिसर में मौजूद थे क्योंकि उन्हें आशंका थी कि युवती शादी के लिए आ सकती है.
परिवार को बुर्के की उम्मीद थी, युवती वकील के कपड़ों में पहुंची
परिवार को उम्मीद थी कि युवती को बुर्का पहनाकर लाया जाएगा. लेकिन युवती वकील के कपड़ों में वहां पहुंची. जब यह बात वहां मौजूद वकीलों को पता चली कि युवती वकील नहीं है और फिर भी वकील की तरह कपड़े पहनकर आई है, तो उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया. धीरे-धीरे वहां भीड़ बढ़ गई और परिवार के साथ हिंदू संगठनों के लोग भी पहुंच गए.
स्थिति को देखते हुए वहां भारी पुलिस बल तैनात किया गया. कुछ देर बाद हिंदू संगठनों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी. पुलिस ने कई घंटों की मशक्कत के बाद युवक और युवती को कार्यालय से बाहर निकाला. इस दौरान कारंज पुलिस ने कुछ कार्यकर्ताओं को हिरासत में भी लिया.
रजिस्ट्रार कार्यालय के बाहर विरोध और पुलिस तैनात
युवती के चाचा अशोक पटेल ने बताया कि वह गांधीनगर जिले के दहेगाम के करौली गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने कहा कि मुस्लिम युवक ने करीब दो महीने पहले स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था. परिवार को जब इसकी जानकारी मिली तो युवती को समझाकर रजिस्ट्रेशन रद्द कराया गया था. बाद में दोबारा आवेदन किया गया और तब से परिवार के लोग रजिस्ट्रार कार्यालय पर नजर बनाए हुए थे.
इसके अलावा अशोक पटेल ने कहा कि उन्हें लगता है कि मुस्लिम युवक ने किसी बात को लेकर युवती पर दबाव बनाया है. उनका कहना है कि युवती कॉलेज के समय युवक के संपर्क में आई होगी और परिवार उसे ज्यादा नहीं जानता. मामले की जानकारी मिलने पर स्थानीय विधायक कौशिक जैन भी मेट्रो कोर्ट परिसर पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह मामला उनके विधानसभा क्षेत्र का है और उन्होंने पुलिस कमिश्नर से अपील की है कि युवती को पहले उसके परिवार से मिलवाया जाए, उसके बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह शादी रजिस्टर नहीं हुई है.
रजिस्ट्रार पर पक्षपात का आरोप
गुजरात प्रदेश बजरंग दल के उपाध्यक्ष ज्वलित मेहता ने कहा कि इस मामले में रजिस्ट्रेशन की जानकारी सार्वजनिक करना जरूरी था. उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया सही तरीके से नहीं की गई. उन्होंने कहा कि युवती ने पहचान छिपाकर वकील के कपड़ों में शादी करने की कोशिश की, जिसका विरोध बार एसोसिएशन ने भी किया. संगठन ने मांग की है कि युवती को उसके परिवार को सौंपा जाए और अगर किसी ने उस पर दबाव बनाया है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. साथ ही रजिस्ट्रार पर भी युवक की तरफदारी का आरोप लगाते हुए सरकार से जांच की मांग की गई है.