दिल्ली चुनाव में इस बार पूर्वांचल वोटरों पर राजनीतिक गतिविधियां केंद्रित हो गई हैं. पहले मुफ्त के वादे, फिर पुजारियों के लिए मासिक वादा, और जाट आरक्षण के बाद अब पूर्वांचल के वोटर्स को जोड़ने के लिए खींचतान हो रही है. अरविंद केजरीवाल के एक बयान पर बीजेपी ने पूर्वांचल वोटर अपमान का मुद्दा उठाकर इसे गरमा दिया है.