राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीड़भाड़ से मुक्त करने की योजना से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद सैटेलाइट शहरों के रूप में आकार ले चुके हैं. पर इन शहरों की योजना बनाने वाले एक बुनियादी सुविधा को भूल गए. इन हाईराइज अपार्टमेंट्स में पाइप से पानी की आपूर्ति.
इन हाई राइज शहरों के कई इलाकों में सरकारी जल आपूर्ति नहीं है. ये सभी सोसायटी भूजल पर निर्भर हैं. नतीजतन भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है.
अब नोएडा एक्सटेंशन में सरकारी एजेंसियों ने सोसायटियों के सबमर्सिबल पंपों को सील कर दिया है और वे अपने पंपिंग सेट से भूजल खींचकर सोसायटी में पानी की आपूर्ति कर रहे हैं. कई बार पंपिंग सेट के खराब होने के कारण हाईराइज निवासियों को पानी के टैंकरों के लिए कतार में लगना पड़ता है. वहीं, गाजियाबाद स्थित क्रॉसिंग रिपब्लिक में सभी सोसायटियां भूजल पर निर्भर हैं, क्योंकि एजेंसियां पानी की आपूर्ति करने में विफल रही हैं.
प्राधिकरण ने सील की सोसायटी के पंपिंग सेट
न्यू एरा फ्लैट ओनर्स वेलफेयर एसोसिएशन (नेफोवा) के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने कहा, प्राधिकरण ने सोसायटियों के पंपिंग सेट सील कर दिए हैं और अपने पंपिंग सेट से भूजल उपलब्ध करा रहे हैं. यह वही काम है, लेकिन आधिकारिक तौर पर. हम एक दशक से अधिक समय से गंगा जल आपूर्ति का इंतजार कर रहे हैं. पर हमें बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने में प्राधिकरण की कोई दिलचस्पी नहीं है. ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग सिर्फ वोट बैंक हैं.
टैंकर से हो रही है जल आपूर्ति
उन्होंने कहा, "पंचशील हाइनिश सोसायटी के 1400 निवासी पूरी तरह से पानी के टैंकर पर निर्भर हैं. क्योंकि भूजल उपलब्ध कराने वाले प्राधिकरण का पंपिंग सेट इस भीषण गर्मी में खराब हो गया है. सरकार ऐसी समस्याओं के प्रति आंखें मूंद कर कैसे बुनियादी जलापूर्ति उपलब्ध नहीं करा सकती है."
फेडरेशन ऑफ क्रॉसिंग्स रिपब्लिक अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष उज्ज्वल मिश्रा ने कहा, "भूमिगत जल स्तर में खतरनाक गति से कमी आने के कारण सोसाइटियों को पानी के लिए दोबारा बोरिंग करानी पड़ रही हैं. हमारे पास वर्षा जल संचय की व्यवस्था है, लेकिन सरकार की ओर से जलापूर्ति न होने के कारण हमें पिछले एक दशक से भूजल निकालने पर मजबूर होना पड़ रहा है. चार साल पहले जब सबमर्सिबल पंप 200 फीट की गहराई पर था, तब दोबारा बोरिंग की गई थी. अब यह 300 फीट की गहराई पर है और इस गर्मी में पानी की आपूर्ति कम है."
जल स्तर में गिरावट की नहीं है जानकारी
गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) के जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार ने कहा, "हमारे पास इस बारे में जानकारी नहीं है कि जल स्तर कितना कम हो गया है. हमने संबंधित एजेंसियों से रिपोर्ट मांगी है."
गाजियाबाद सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता हरिओम कुमार ने बताया, "भूजल स्तर में सबसे ज्यादा गिरावट विजय नगर क्षेत्र में दर्ज की गई है. पिछले छह सालों में 11 मीटर की गिरावट देखी गई है. ऐसा कम रिचार्ज और अधिक उपयोग के कारण हो रहा है."