विवादों के बीच कर्नाटक के जानेमाने गायक और संगीतकार टी.एम. कृष्णा का कार्यक्रम शनिवार को साउथ दिल्ली के गार्डन ऑफ फाइव सेंसेस में आयोजित हुआ. 'अवाम की आवाज़' नाम से आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में लोग टीएम कृष्णा को सुनने पहुंचे.
टीएम कृष्णा ने इस दौरान 10 अलग-अलग भाषाओं में गीत गाए. इसमें इस्लामिक, तमिल, जीजस और देश के बारे में विचार और संदेश थे. टीएम कृष्णा को सुनने के लिए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सीएम मनीष सिसोदिया, आम आदमी पार्टी के कई नेता और विधायक भी मौजूद रहे.
कार्यक्रम के अंत में पत्रकारों से बातचीत के दौरान टीएम कृष्णा ने कहा, "हम संगीत को समाज में बांटने के लिए आए हैं. विवाद को छोड़िये, आज संगीत का दिन था, मैं विवाद के बारे में बात नहीं करना चाहता. वो (एंटी इंडिया) तमाम शब्द हैं, इसका मतलब क्या है? ये देश, आवाज़ का है. देश ऐसा न हो जहां दुश्मनी हो. आज हम मिलकर कह रहे हैं, देश में नफरत है, लेकिन इस नफरत को छोड़कर हमें बातचीत करनी चाहिए."
इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 'आवाम की आवाज़' कार्यक्रम की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने टीएस कृष्णा का कार्यक्रम रद्द कर दिया था. लेकिन यह देश सभी का है. कुछ ताकतें आज़ादी को खत्म करने की कोशिश कर रही हैं. आपका यहां आना संदेश है कि देश सबका है. हिन्दू, मुस्लिम, सिख, गुजराती, मराठी, जैन और तमिल सभी का है. भारत विविधता से भरा देश है, इसे कमजोर नहीं होने देंगे. अपनी आज़ादी को हम हरहिज़ मिटा सकते नहीं, सर कटा सकते हैं, लेकिन सर झुका सकते नहीं."
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि पूरी दिल्ली में पिछले 2 साल से 'आवाम की आवाज़' कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है. इस बार कम वक्त में इस कार्यक्रम को आयोजित किया गया है." वहीं माकपा नेता सीताराम येचुरी ने भी गार्डन ऑफ फाइव सेंसेस पहुंचकर टीएम कृष्णा का संगीत सुना और इसके बारे में ट्वीट कर जानकारी दी.
Wonderful to hear @tmkrishna, the most innovative and creative exponent of Carnatic music today. Today, it was music and much more, as he performed. #GardenOfFiveSenses #Delhi pic.twitter.com/ZPUwqOUKCa
— Sitaram Yechury (@SitaramYechury) November 17, 2018
कार्यक्रम में पहुंचे साउथ दिल्ली से आम आदमी पार्टी के लोकसभा प्रभारी राघव चड्ढा ने जमकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा. राघव ने कहा, "हाल ही में एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने टीएम कृष्णा के साथ एक समारोह रद्द कर दिया था, क्योंकि राइट विंग ट्रोल्स ने सोशल मीडिया पर ट्रोल किया.'' उन्होंने कहा, ''ऐसा लगता है की सरकार में कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने दबाव डाला है. यह उन लोगों पर हमला है जो सरकार के खिलाफ अपनी राय देने के लिए अपने अधिकार का प्रयोग करते हैं. हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बचाने के दृढ़ संकल्प के साथ, फासीवादी ताकतों को एक जोरदार और स्पष्ट संदेश भेजेंगे."
कौन हैं टीएम कृष्ण
बता दें कि टीएम कृष्णा कर्नाटक संगीत के गायक हैं. 42 साल के कृष्णा गायन के अलावा, सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों पर किताबें भी लिख चुके हैं. वह सामाजिक मुद्दों पर खुल कर बोलते हैं. कृष्णा को उनके योगदान के लिए 2016 में प्रतिष्ठित रमन मैग्सेसे पुरस्कार मिल चुका है. अपने विचारों के लिए कृष्णा हिंदूवादी तत्वों के निशाने पर रहे हैं.
क्यों हो गया कार्यक्रम स्थगित
शनिवार को उन्हें दिल्ली में एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और स्पिक मैके द्वारा आयोजित कार्यक्रम में भाग लेना था. इस कार्यक्रम को लेकर हिंदूवादी तत्वों ने सोशल मीडिया पर आपत्ति दर्ज कराई थी. कृष्णा के खिलाफ चले ऑनलाइन अभियान के बाद आयोजक ने कार्यक्रम रद्द कर दिया था. हालांकि टीएम कृष्णा ने मीडिया को बताया कि वह कार्यक्रम रद्द नहीं बल्कि स्थगित किया गया है.