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दिल्ली में सरकार पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली, केजरीवाल ने नजीब जंग पर साधा निशाना

दिल्ली विधानसभा भंग करने पर आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टल गई है. अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी. इस बीच, केजरीवाल ने दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल बीजेपी को फायदा पहुंचाना चाहते हैं.

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दिल्ली विधानसभा भंग करने पर आम आदमी पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई 4 हफ्ते तक के लिए टल गई है. अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी. इस बीच, केजरीवाल ने दिल्ली के उप राज्यपाल नजीब जंग पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि उप राज्यपाल बीजेपी को फायदा पहुंचाना चाहते हैं.

कोर्ट से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा, 'उप राज्यपाल ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि बीजेपी को दिल्ली में सरकार बनाने का न्योता दिया जाना चाहिए. बीते दिसंबर में उप राज्यपाल को लिखी चिट्ठी में बीजेपी ने कहा था कि वो दिल्ली में सरकार नहीं बनाना चाहती है. उसके बाद बीजेपी ने उप राज्यपाल को कोई चिट्ठी नहीं भेजी है और न ही बीजेपी ने उस चिट्ठी को वापस लिया है. ऐसे में किस आधार पर उप राज्यपाल बीजेपी को सरकार बनाने के लिए न्योता दे रहे हैं. यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. ऐसा लगता है कि उप राज्यपाल बीजेपी के लिए 'बैटिंग' कर रहे हैं.'

केंद्र ने कहा कि 'आप' सुप्रीम कोर्ट को राजनीतिक प्रक्रिया में घसीटने की कोश‍िश कर रही है. केंद्र सरकार की ओर से अदालत में पेश हुए एड‍िशनल सोलिसिटर जनरल ने कहा कि दिल्ली में सरकार के मसले पर एलजी ने राष्ट्रपति को रिपोर्ट भेजी है. अब राष्ट्रपति के जवाब का इंतजार है. राष्ट्रपति इस मसले पर कब तक जवाब देंगे, यह उनका विशेषाध‍िकार है. इसके बाद कोर्ट ने केंद्र सरकार से इस बारे में जल्द से जल्द फैसला लेने को कहा, नहीं तो खरीद-फरोख्त की घटनाएं जारी रह सकती हैं.

कोर्ट ने सरकार से पूछा था दिल्ली में कब तक राष्ट्रपति शासन लगा रहेगा? वहीं, अरविंद केजरीवाल खरीद-फरोख्त के नए सबूत कोर्ट में पेश करने वाले थे. अदालत ने आज की सुनवाई के दौरान आम आदमी पार्टी के 'स्ट‍िंग ऑपरेशन' का संज्ञान नहीं लिया है. कोर्ट ने 'आप' से कहा है कि वो अपने सबूत अगली सुनवाई में पेश करें.

बीजेपी ने सुप्रीम कोर्ट से कहा कि यदि उन्हें दिल्ली में सरकार बनाने का न्योता मिलता है तो वो इस पर विचार करेगी और बिना समय गंवाए फैसला करेगी. वहीं, कांग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा है कि एक महीने के लिए सुनवाई टलने से बीजेपी को सरकार बनाने के लिए दूसरी पार्टियों के विधायकों से संपर्क करने के लिए पर्याप्त समय मिलेगा.

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ ने कहा था कि केंद्र सरकार दिल्ली में राष्ट्रपति शासन को लेकर पांच हफ्ते में जवाब दाखिल करे. अपनी याचिका में आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की थी कि दिल्ली में विधानसभा भंग कर चुनाव कराने का निर्देश जारी किया जाए.

बीजेपी पर 'आप' का स्टिंग
इससे पहले, दिल्ली में सरकार बनाने के लिए सौदेबाजी की पोल खुली जब आम आदमी पार्टी ने बीजेपी नेता का स्टिंग ऑपरेशन मीडिया को दिखाया. केजरीवाल ने दावा किया कि बीजेपी नेता शेर सिंह डागर ने उनकी पार्टी के विधायक दिनेश मोहनिया को 4 करोड़ का ऑफर दिया था. इस पर बीजेपी ने शेर सिंह डागर को कारण बताओ नोटिस भेजकर 3 दिन के भीतर जवाब मांगा. केजरीवाल ने खरीद-फरोख्त के सबूत कोर्ट में भी पेश करने की बात की है. दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि 'आप' के आरोपों से पार्टी को कोई धक्का नहीं लगा है, केजरीवाल कुछ भी कह सकते हैं.

वहीं, स्टिंग ऑपरेशन में फंसे बीजेपी नेता शेर सिंह डागर ने कहा कि उन्होंने किसी को पैसे का ऑफर नहीं दिया. उन्होंने कहा, 'यह मेरी और मेरी पार्टी की छवि खराब करने की कोशिश है.' वहीं, बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने पूछा कि विधायक मोहनिया शेर सिंह डागर के घर क्यों गए थे. उन्होंने आप के स्टिंग ऑपरेशन की प्रामाणिकता की जांच की भी मांग की. दूसरी तरफ, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि बीजेपी की मानसिकता सामने आ गई है. उन्होंने बीजेपी नेता के ख‍िलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की.

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