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दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को लगाई फटकार

राजधानी में बढ़ते प्रदूषण के बीच प्राइवेट वाहनों के चलने पर तलवार लटक रही है. पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण का कहना है कि 1 नवंबर से ग्रेडेड एक्शन रेस्पॉन्स प्लान लागू किया जाएगा.

सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो: पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (फाइल फोटो: पीटीआई)

धुंध की चादर में लिपटे दिल्ली में प्रदूषण के बढ़ते स्तर पर पर्यावरण मंत्रालय में बैठकों का दौर जारी है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दक्षिण दिल्ली नगर निगम में अवैध निर्माण पर सर्वे रिपोर्ट प्रस्तुत न करने पर फटकार लगाई है.  

SC ने केंद्र को लगाई फटकार

दरअसल सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकारी वकील से दक्षिण दिल्ली नगर निगम (SDMC) में अवैध निर्माण पर सर्वे की रिपोर्ट तलब की. कोर्ट इस रिपोर्ट के आने का 20 मिनट तक इंतजारी करता रहा और सुनवाई रुकी रही. लेकिन जब रिपोर्ट नहीं आई तो नाराज कोर्ट ने कहा कि जब किसी को चिंता नहीं तो सिर्फ अदालत ही इसकी फिक्र क्यों करे. कोर्ट अब शुक्रवार को अफसरों से रिपोर्ट के बारे जानकारी और उस पर की गई कार्रवाई के बारे में पूछेगा.

बैठक में नहीं पहुंचे पंजाब-हरियाणा के मंत्री

दुसरी तरफ दम घोंटने वाली धुंध से जूझ रहे दिल्ली वासियों के समाधान के लिए केंद्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने राजधानी में बैठक बुलाई थी. जिसमें दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के पर्यावरण मंत्रियों को शामिल होना था. लेकिन इस बैठक में दिल्ली के पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन के अलावा कोई और नहीं पहुंचा. पंजाब-हरियाणा के मंत्री की अनुपस्थिति पर केंद्रीय पर्यावरण मंत्री नाराज हो गए.

पटाखों की बिक्री पर रोक

बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रदूषण को कम करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली में पटाखों की बिक्री पर रोक लगाते हुए, सिर्फ ग्रीन पटाखों की बिक्री को मंजूरी दी है पटाखे फोड़ने के लिए समयसारिणी जारी कर चुका है. सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, दिवाली पर लोग रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जला पाएंगे. इसके अलावा कोई भी विक्रेता ऑनलाइन पटाखे नहीं बेच पाएगा.

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