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पराली जलाने पर NGT कोर्ट ने UP सरकार को लगाई फटकार

पराली जलाने से रोकने और प्रदूषण पर लगाम लगाने से जुड़ी याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई हुई. इस दौरान एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है.

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सांकेतिक तस्वीर (एएनआई)
सांकेतिक तस्वीर (एएनआई)

  • पराली जलाने पर एनजीटी में हुई सुनवाई
  • एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार को लगाई फटकार

पराली जलाने से रोकने और प्रदूषण पर लगाम लगाने से जुड़ी याचिका पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में सुनवाई हुई. इस दौरान एनजीटी ने उत्तर प्रदेश सरकार को फटकार लगाई है. एनजीटी ने यूपी सरकार से पूछा कि आपके यहां किसान पराली को क्यों जला रहे हैं? इस पर राज्य सरकार के अधिकारी ने कहा कि किसानों में जागरूकता की कमी है. हम किसानों को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चला रहे है.

वहीं उत्तर प्रदेश सरकार के जवाब पर असंतुष्टि जाहिर करते हुए एनजीटी के जज ने कहा कि आपका आउटपुट तो जीरो है. इस पर यूपी सरकार ने कहा कि फसलों को जलाने की संख्या में 35 फीसदी कमी आई है. सैटेलाइट से ली गई तस्वीरों से मालूम चलता है.

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एनजीटी ने कहा कि आपको आपने काम करने के तरीके में बदलाव लाने की जरूरत है. आप एक्शन में तब आ रहे हो जब समस्या शुरू हो चुकी है. इस मामले पर हमें आपके काम मे गंभीरता नजर नहीं आ रही है. एनजीटी कोर्ट ने कहा कि किसानों को आप लोन तो दे रहे हो. उनकी भरपाई न होने पर किसान आत्महत्या करने को मजबूर है. आप किसानों के लिए सफल मॉडल बनाने में विफल रहे हैं. हम आपसे बेहद निराश है.

पराली जलाने को लेकर एनजीटी ने उत्तर प्रदेश के अलावा हरियाणा और पंजाब को भी फटकार लगाई. एनजीटी ने कहा हमें प्रयास नहीं, नतीजे चाहिए. एनजीटी ने कहा कि आम जनता सरकार की गैर जिम्मेदारी के चलते प्रदूषण को झेलने के लिए क्यों मजबूर हो? एनजीटी ने सभी राज्यों को हिदायत दी कि वह हर हाल में अपने अधिकारियों को जिम्मेदार बनाते हुए पराली जलने से रोकने की हर संभव कोशिश करें. एनजीटी की प्रिंसिपल बेंच इस मामले में सुनवाई कर रही है.

पराली को लेकर यूपी, हरियाणा और पंजाब ने एनजीटी में अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल कर दी है. एनजीटी ने तीनों राज्यों को नवंबर में दोबारा स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है, जिससे साफ हो सके कि अक्टूबर से नवंबर के बीच में पराली जलाने से रोकने के लिए सरकार द्वारा क्या-क्या उपाय किए गए हैं. 15 नवंबर को इस मामले में एनजीटी दोबारा सुनवाई करेगा.

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