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ग्रीन ट्रीब्यूनल ने करोल बाग में आसाराम के आश्रम से अवैध निर्माण हटाने के निर्देश दिए

नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार व पुलिस को करोल बाग में आसाराम के आश्रम में बने अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश दिया है. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने सोमवार को आसाराम के आश्रम द्वारा किए गए अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश जारी किया.

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नेशनल ग्रीन ट्रीब्यूनल (एनजीटी) ने दिल्ली सरकार व पुलिस को करोल बाग में आसाराम के आश्रम में बने अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश दिया है. एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एक पीठ ने सोमवार को आसाराम के आश्रम द्वारा किए गए अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण को हटाने का निर्देश जारी किया. साथ ही सरकार से इसका खर्च वहन करने एवं 1000 पेड़ लगाने को कहा गया है. इससे पहले ट्रीब्यूनल द्वारा गठित एक समिति ने सूचित किया था कि राजधानी की पारिस्थितिकी की दृष्टि से संवेदनशील सेंट्रल रिज इलाके में आश्रम ने व्यापक पैमाने पर अवैध निर्माण किया है.

ट्रीब्यूनल ने सेंट्रल रिज इलाके के एक हिस्से के निरीक्षण के लिए अतिरिक्त मुख्य वन संरक्षरक, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के एक प्रतिनिधि तथा रिज प्रबंधन बोर्ड के प्रतिनिधि वाली एक समिति गठित की थी. अधिकरण को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में समिति ने कहा कि आश्रम में बडे़ पैमाने पर अवैध ढांचे हैं.

आश्रम परिसर में विस्तृत सर्वेक्षण करने वाली समिति ने पाया कि वहां अस्थायी और स्थायी ढांचे हैं जो 1996 के नक्शे में नहीं हैं. तकरीबन 350 फुट सम्पर्क मार्ग के साथ कुल क्षेत्र 4312 वर्ग गज दिखाया गया है. ट्रीब्यूनल ने समिति से यह सूचित करने को भी कहा था कि क्या हाल में कोई निर्माण किया गया. संजय कुमार की याचिका पर ट्रीब्यूनल का यह निर्देश आया.

याचिकाकर्ता के वकील गौरव बंसल ने पीठ को बताया कि आसाराम के न्यास ने यहां सेंट्रल रिज इलाके में एक आश्रम और अन्य ढांचे अवैध तौर पर बनाए हैं, जबकि दिल्ली सरकार ने मई 1994 में एक अधिसूचना जारी कर इसे भारतीय वन कानून के प्रावधानों के तहत संरक्षित वन घोषित किया है. याचिकाकर्ता ने कहा कि उसे मीडिया की एक रिपोर्ट से पता लगा है कि करोल बाग में ‘असाराम जी ट्रस्ट’ ने अवैध तौर पर आश्रम बनाया है.

उन्होंने बताया कि मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार आठ साल पहले खुद शहरी विकास मंत्रालय ने स्वीकार किया कि सेंट्रल रिज इलाके की जमीन के एक बड़े भाग पर ट्रस्ट ने अवैध तौर पर अतिक्रमण किया है. 72 वर्षीय आसाराम को पिछले साल अगस्त में बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और वह न्यायिक हिरासत में हैं.

- इनपुट भाषा से

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