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फर्जी डिग्री केस: पुलिस रिमांड पर दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर, इस्तीफा मंजूर

फर्जी डिग्री मामले में चार दिन की पुलिस रिमांड का सामना कर रहे दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार (AAP) ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. 

कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर (फाइल) कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर (फाइल)

फर्जी डिग्री मामले में चार दिन की पुलिस रिमांड का सामना कर रहे दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र तोमर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. अरविंद केजरीवाल की अगुवाई वाली दिल्ली सरकार (AAP) ने उनका इस्तीफा स्वीकार भी कर लिया है. अब यह इस्तीफा बुधवार को उपराज्यपाल के पास भेज दिया जाएगा.

तोमर ने लॉकअप से मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को इस्तीफा भेजा जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया. उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, ‘तोमर ने मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा भेज दिया है और मुख्यमंत्री ने उसे स्वीकार कर लिया. इसे कल (बुधवार) सुबह उपराज्यपाल को भेजा जाएगा.’ उन्होंने कहा कि मंगलवार के घटनाक्रम के बाद तोमर ने खुद इस्तीफा दे दिया.

'पहले क्यों नहीं दिया इस्तीफा?'
यह पूछे जाने पर कि तोमर ने पहले क्यों नहीं इस्तीफा दिया, सिसोदिया ने कहा, ‘यह तो जितेंद्र तोमर ही बता सकते हैं.’ तोमर ने कहा कि वह नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ‘इस साजिश के पीछे है.’ AAP के एक नेता ने अपना नाम न बताने की शर्त पर बताया कि तोमर का विकल्प तलाशने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी. हालांकि इस मामले को उच्च अदालत में ले जाना पार्टी की प्राथमिकता है.

इससे पहले साकेत कोर्ट ने मंगलवार को जितेंद्र तोमर को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा कि जब मंत्री सहयोग कर रहे हैं तो गिरफ्तारी क्यों की गई. कोर्ट ने कार्रवाई में हड़बड़ी पर भी सवाल उठाए. AAP के वकील ने अपनी दलील में कहा कि गिरफ्तारी से पहले तोमर को कोई नोटिस नहीं दिया गया. AAP के वकील ने राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई का आरोप भी लगाया. जबकि दिल्ली पुलिस ने तोमर की पांच दिन की रिमांड मांगी थी.

हमें ऊंची अदालत में अपील करने का अधिकार: आशुतोष
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ AAP नेता आशुतोष और कुमार विश्वास भी मौजूद थे. बाहर AAP कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से कोर्ट के सभी दरवाजे बंद करके सुनवाई पूरी की गई. करीब दो दर्जन पुलिसकर्मी भी कोर्ट परिसर में तैनात किए गए थे.

AAP नेता कुमार विश्वास ने कहा कि कोर्ट के अंदर की प्रक्रिया पर टिप्पणी करना ठीक नहीं है. कोर्ट के आदेश का पालन किया जाएगा. आगे जो भी प्रक्रिया होगी, उस पर पार्टी फैसला करेगी. पार्टी नेता आशुतोष ने यह जरूर कहा कि उन्हें ऊंची अदालत में याचिका दाखिल करने का पूरा अधिकार है.

विधानसभा स्पीकर ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
कानून मंत्री तोमर को आईपीसी की धारा 420, 467, 468, 120बी के तहत मंगलवार सुूबह गिरफ्तार किया गया. इससे पहले दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई पर दिल्ली विधानसभा के स्पीकर आरएन गोयल ने सवाल खड़े किए. स्पीकर ऑफिस की ओर से कहा गया है कि पुलिस के पास विधानसभा की इजाजत के बगैर किसी मंत्री को समन देने या गिरफ्तार करने का अधिकार नहीं है. स्पीकर आरएन गोयल विधानसभा के विशेषाधिकार को लेकर इस मामले में एक्शन ले सकते हैं. साथ ही इस बारे में पुलिस कमिश्नर से भी स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है.

गौरतलब है कि फर्जी डिग्री विवाद में दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. जितेंद्र सिंह तोमर का फर्जी डिग्री विवाद का पूरा मामला अदालत में चल रहा है.

दिल्ली पुलिस ने कानून मंत्री जितेंद्र सिंह की गिरफ्तारी को बेहद ही खुफिया तरीके से अंजाम दिया. आम आदमी पार्टी के सूत्रों के मुताबिक तोमर की गिरफ्तारी के बारे में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को भी जानकारी नहीं थी. गौरतलब है कि मीडिया से बातचीत में दिल्ली पुलिस कमिश्वर बीएस बस्सी ने भी जानकारी से इनकार किया था.

सूत्रों के मुताबिक, किसी मंत्री की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस को गृह मंत्रालय या उपराज्यपाल की परमिशन लेने की जरूरत नहीं होती है. लेकिन उसे दिल्ली विधानसभा स्पीकर को इस बारे में जानकारी देनी होती है.उधर, दिल्ली पुलिस कमिश्नर भीमसेन बस्सी ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी वैध है. बस्सी ने कहा, 'उन्हें कानून के दायरे में रहकर गिरफ्तार किया गया है.'

तोमर को तत्काल मिल सकती है जमानत
तोमर की गिरफ्तारी फर्जी डिग्री मामले में हुई है. इसलिए उन्हें तत्काल जमानत मिल सकती है. गौरतलब है कि जितेंद्र सिंह तोमर के साथ फर्जी डिग्री विवाद का मामला जुड़ा हुआ है. उनकी कानून की डिग्री पर विवाद है. बता दें कि पुलिस ने तोमर के दस्तावेजों को सही नहीं पाया है और उनसे पूछताछ चल रही है.

दिल्ली पुलिस के कमिश्नर बीएस बस्सी ने कानून मंत्री तोमर की गिरफ्तारी पर कोई टिप्पणी करने से इंकार किया है. उनका कहना है कि अभी पूरे मामले की जानकारी नहीं है.

इससे पहले दिल्ली सरकार के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर की गिरफ्तारी उनके दफ्तर से हुई. हौज खास थाने के एसएचओ उनके दफ्तर पहुंचे और कानून मंत्री को थाने चलने के लिए कहा. आम आदमी पार्टी के नेता संजय सिंह ने कहा कि मोदी सरकार पार्टी के नेताओं को जेल से डराने की कोशिश कर रही है.

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