देश की प्रतिष्ठित जवाहर लाल यूनिवर्सिटी (जेएनयू) में छात्रसंघ चुनाव के लिए शुक्रवार को वोट डाले जाएंगे. वोटिंग से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) पर जेएनयू छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष गीता कुमारी ने बड़ा आरोप लगाया है. गीता कुमारी ने कहा कि एबीवीपी के सदस्यों ने एसएफआई के वेंकटेश पर हमला किया. एबीवीपी के सदस्यों ने उनके सिर पर हमला किया.
उन्होंने तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा कि ये एबीवीपी का असली चेहरा है. देशभक्ति, भारत और वंदे मातरम की आड़ में वे ये काम कर रहे हैं. वे अब जेएनयू कैंपस में अपना असली चेहरा दिखाने लगे हैं. गीता कुमारी के मुताबिक वेंकटेश पर हमला डिबेट के दौरान हुआ.
बता दें कि बुधवार को कैंपस में प्रेसिडेंशियल डिबेट का आयोजन किया गया. इसमें विभिन्न छात्र इकाइयों के उम्मीदवारों ने पूरे जोर-शोर से अपने मुद्दों को छात्रों के बीच रखा. प्रेसिडेंशियल डिबेट के दौरान कैंपस के मुद्दों के अलावा धारा 370 हटाने और मॉब लिंचिंग जैसे मुद्दे भी छाए रहे.
संघ और बीजेपी से संबंधित छात्र इकाई अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से अध्यक्ष पद के उम्मीदवार मनीष जांगिड़ ने 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों के साथ अपना संबोधन शुरू किया.
उन्होंने अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के बाद एक ओर हम लोग जश्न मना रहे थे तो वहीं वामपंथी विचारधारा के लोग सेना को गालियां दे रहे थे.

वहीं NSUI की ओर अध्यक्ष पद उम्मीदवार प्रशांत कुमार ने देशद्रोह के मामले पर मनीष जांगिड़ के बयान का विरोध करते हुए कहा कि यह मामला अभी कोर्ट में है और इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए.
बापसा उम्मीदवार जितेंद्र सूना ने राइट और लेफ्ट दोनों की विचारधाराओं पर निशाना साधते हुए इस बार उनकी पार्टी को जिताने की अपील की. जितेंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी देश में डर का माहौल फैला रही है.
उन्होंने कहा कि संघ और बीजेपी ही असल में देश विरोधी हैं. छात्र राजद उम्मीदवार प्रियंका भारती ने सामान्य वर्ग आरक्षण दिए जाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार की आलोचना की.