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ममता बनर्जी पर ED छापे में हस्तक्षेप का आरोप, सुप्रीम कोर्ट में 18 फरवरी को होगी सुनवाई

कोर्ट ने मामले को 18 फरवरी को उसी बेंच के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है. इससे पहले भी ईडी और तृणमूल कांग्रेस के बीच इस मामले को लेकर विवाद हुआ था. सुनवाई में वकील कपिल सिब्बल ने याचिकाकर्ता को अपनी बात रखने का अधिकार देने की मांग की.

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I-PAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) दफ्तर पर ED की छापेमारी के दौरान कथित दखल को लेकर दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. याचिका में आरोप लगाया गया है कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कुछ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने ED की कार्रवाई में हस्तक्षेप किया.

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत को बताया कि इसी घटना से जुड़ी एक और याचिका पहले से लंबित है. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले को उसी बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा कर रहे हैं. कोर्ट ने ये भी निर्देश दिया कि मामला 18 फरवरी को उसी बेंच के सामने सुना जाएगा.

सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि अगर PIL को सुना जाता है तो याचिकाकर्ता को भी अपनी बात रखने का अधिकार मिलेगा. इस पर कोर्ट ने साफ किया कि फिलहाल सिर्फ मामले को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया गया है.

इससे पहले भी ED और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच I-PAC छापे को लेकर टकराव सामने आया था. अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से जुड़ी एक और PIL को पहले से लंबित याचिकाओं के साथ टैग कर दिया है. अब सभी संबंधित मामलों की सुनवाई 18 फरवरी को एक ही बेंच के सामने होगी.

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