हिमाचल प्रदेश के 51 शहरी स्थानीय निकायों (ULB) के लिए रविवार को हुआ मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया. राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त अनिल खाची ने बताया कि पूरे प्रदेश में मतदान सुचारू रूप से चला और कुल 69.16 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. चुनाव आयोग का अनुमान है कि देर रात तक अंतिम आंकड़े आने पर इस प्रतिशत में थोड़ी और बढ़ोतरी हो सकती है.
सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक चले इस एक दिवसीय मतदान में मतदान का उत्साह अलग-अलग देखा गया. छोटे शहरों और कस्बों में लोकतंत्र की बहार रही, यहां रिकॉर्ड 72.42 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया. चार बड़े नगर निगमों में 63.44 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले.
पहाड़ी जिलों का जिलावार वोटिंग रिपोर्ट कार्ड
नगर परिषदों और पंचायतों के मामले में हमीरपुर जिला 78.89% के साथ सबसे आगे रहा. अन्य जिलों का हाल इस प्रकार रहा:-
शिमला: 77.36%
ऊना: 77.00%
सोलन: 76.94%
कांगड़ा: 74.51%
मंडी: 73.35%
बिलासपुर: 72.06%
चंबा: 68.22%
कुल्लू: 67.80%
सिरमौर: 67.24%
चार प्रमुख नगर निगमों की बात करें तो मंडी में सबसे ज्यादा 68.78% वोटिंग हुई, इसके बाद कांगड़ा (धर्मशाला और पालमपुर) में 63.72% और सोलन में सबसे कम 58.32% मतदान हुआ. दिलचस्प बात यह रही कि कांगड़ा और मंडी में पुरुषों के मुकाबले महिला मतदाताओं ने ज्यादा वोट डाले.
चुनाव के दौरान की प्रमुख हलचलें और घटनाएं
चंबा नगर परिषद चुनाव के दौरान एक दुखद घटना सामने आई. 70 वर्षीय बुजुर्ग अंजन शर्मा जब वोट डालने मतदान केंद्र के पास पहुंचे, तो उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई.
ऊना में राजनीतिक गरमाहट
ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती जब अपने निर्वाचन क्षेत्र के संतागढ़ (वार्ड नंबर 6) के एक पोलिंग बूथ के अंदर दाखिल हुए, तो वहां मौजूद अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने आपत्ति जताई, जिससे कुछ देर के लिए केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया.
ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में बंद, 31 मई को नतीजे
नगर परिषदों और पंचायतों के बैलेट वोटों की गिनती रविवार शाम से ही शुरू कर दी गई है. वहीं, दलीय आधार पर लड़े गए चार नगर निगमों के चुनाव की ईवीएम (EVM) मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में सील कर दिया गया है, जिनकी गिनती 31 मई को की जाएगी.
92 साल के शांता कुमार ने वोटरों को दिया संदेश
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता शांता कुमार (92 वर्ष) ने पालमपुर नगर निगम चुनाव में व्हीलचेयर और परिजनों के सहारे पोलिंग बूथ पहुंचकर अपना वोट डाला. .इस उम्र में भी अपनी लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाने के बाद उन्होंने देश की राजनीतिक व्यवस्था पर बेबाक टिप्पणी की.
शांता कुमार बोले, "लोग अक्सर कहते हैं कि देश के नेता भ्रष्ट हैं, लेकिन मैं इस बात को पूरी तरह नहीं मानता. भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र तो है, लेकिन जनता ने अभी तक इस त्योहार को ठीक से मनाना नहीं सीखा है. जिस दिन देश के मतदाता खुद जागरूक होकर ईमानदार और मेहनती नेताओं को चुनना शुरू कर देंगे और भ्रष्ट उम्मीदवारों को हराना शुरू कर देंगे, उस दिन देश से भ्रष्टाचार अपने आप खत्म हो जाएगा."
चुनावी आंकड़े एक नजर में
इस चुनाव में कुल 3,60,859 मतदाता अपने वोट के हकदार थे (1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिलाएं और 14 अन्य). इस बार के लोकतंत्र के उत्सव में 1,808 पहली बार वोट डालने वाले युवा भी शामिल हुए, जिन्होंने अपने शहरों की सरकार चुनने के लिए पहली बार उंगली पर स्याही लगवाई.