हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा से प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम दिल्ली में 7 घंटे तक पूछताछ की. जांच एजेंसी की टीम ने बुधवार को उन्हें मानेसर जमीन घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया था. बता दें कि पहले ही सीबीआई किसानों की जमीन अवैध तरीके से बेचने के आरोप में एफआईआर दर्ज कर चुकी है.
एजेंसियों का हो रहा है दुरुपयोग
भूपेंद्र सिंह हुड्डा पूछताछ किए जाने पर दिल्ली की सत्ता पर काबिज आप सरकार ने कांग्रेस का समर्थन किया है. आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि भाजपा को इंडिया गठबंधन के खिलाफ अपनी हार स्पष्ट नजर आने लगी है. इसलिए इस तरीके की करवाई हो रही है और एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है.
'एजेंट के तौर पर काम कर रही है एजेंसी'
भाजपा को पता है कि यदि हरियाणा में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो भाजपा कहीं नहीं ठहरती है. इसलिए दिल्ली में अरविंद केजरीवाल को बार बार नोटिस दिए जा रहे हैं, ताकि लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार न कर सके. हरियाणा में भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ करवाई शुरु हो गई है. यदि ऐसी कोई मामला दर्ज है तो पिछले साढ़े नौ साल से भाजपा सरकार और ईडी क्या कर रही थी. ऐसा लगता है ईडी भाजपा के एजेंट के तौर पर काम कर रही है.
15 सौ करोड़ की धोखाधड़ी का है आरोप
बता दें कि जांच एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत उनसे पूछताछ की है. इस मामले में सीबीआई ने 2004-07 के दौरान भूमि अधिग्रहण में कथित अनियमितताओं को लेकर केस दर्ज किया था.
इसके बाद पीएमएलए का मामला सितंबर 2016 में हरियाणा पुलिस की एफआईआर के आधार पर दर्ज किया गया था. कई किसानों और जमीन मालिकों ने आरोप लगाया था कि इस भूमि अधिग्रहण मामले में उनसे करीब 1,500 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई है.
भूपेन्द्र हुड्डा इस मामले में साल 2019 में पंचकूला स्थित प्रवर्तन निदेशालय की स्पेशल अदालत में पेश हो चुके हैं. इस मामले में हुड्डा पर औने-पौने दामों में जमीन एजेएल को बेचने का आरोप है. तब हुड्डा पंचकूला के सेक्टर-6 में स्थित प्लॉट सी-17 के आवंटन से जुड़े मामले में फर्जीवाड़े के आरोप में पेश हुए थे.