राजधानी दिल्ली और इसके आसपास के इलाकों में आज, 23 सितंबर को अचानक मौसम ने करवट ले ली और दिन में घना अंधेरा छा गया. इसके साथ ही तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश भी देखने को मिली है. हालांकि मौसम विभाग ने आज (शनिवार) के लिए पहले ही अच्छी बारिश की संभावना जताई थी.
रोकी गई मोटो जीपी रेस
तेज हवाओं के साथ बारिश के चलते दिल्ली के कई इलाकों में पेड़ गिरने की भी खबर आ रही है. वहीं, नोएडा, गाजियाबाद और फरीदाबाद के इलाकों में भी झमाझम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है.
वहीं, तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश के बीच ग्रेटर नोएडा में चल रही मोटो जीपी रेस को भी रोक दिया गया. तेज बारिश के चलते ग्राउंड में लगे तंबू और होर्डिंग्स भी उखड़ गए. इससे दूर से आने वाले दर्शकों में निराशा देखने को मिली. हुए निराश
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, राजधानी में आज पूरे दिन ऐसा ही मौसम दिखने को मिलेगा. इससे दिल्ली वालों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है. इससे पहले सुबह से ही धूप खिली हुई थी. लोग पिछले दो-तीन दिन से उमस से परेशान थे. लेकिन मॉनसून की विदाई के बीच एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है. ऐसे में दोपहर में करीब 1 बजे मौसम अचानक बदल गया.
तापमान की बात करें तो दिल्ली में आज दिल्ली में न्यूनतम तापमान 27 डिग्री और अधिकतम तापमान 36 डिग्री रहने का अनुमान जताया है. वहीं, 24 सितंबर को भी नई दिल्ली में हल्की बूंदाबांदी या बारिश दर्ज की जाएगी. बता दें कि 25 सितंबर तक उत्तर पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी शुरू हो सकती है. आईएमडी भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने शुक्रवार को कहा कि दक्षिण पश्चिम मानसून के 25 सितंबर के आसपास उत्तर पश्चिम भारत से वापसी शुरू करने की संभावना है. तो ये कहा जा सकता है कि मॉनसून की वापसी से पहले मौसम एक बार फिर महरबान हो गया है.
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आमतौर पर, दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून तक केरल में अपनी शुरुआत करता है और 8 जुलाई तक पूरे देश को कवर कर लेता है. यह 17 सितंबर के आसपास उत्तर-पश्चिम भारत से पीछे हटना शुरू कर देता है और 15 अक्टूबर तक पूरी तरह से वापस चला जाता है. अगले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम और आसपास के पश्चिम-मध्य भारत में हो रही बारिश में कमी देखने को मिलेगी.
25 सितंबर के आसपास पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल होती जा रही हैं. उत्तर पश्चिम भारत से मॉनसून की वापसी भारतीय उपमहाद्वीप से इसकी वापसी की शुरुआत का प्रतीक है. मॉनसून की वापसी में किसी भी देरी का मतलब है लंबे समय तक बारिश का मौसम, जो कृषि उत्पादन पर काफी प्रभाव डाल सकता है, खासकर उत्तर पश्चिम भारत के लिए जहां मॉनसून की बारिश रबी फसल उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.
भारत में इस मॉनसून सीजन के दौरान अब तक 780.3 मिमी बारिश हुई है, जबकि सामान्य बारिश 832.4 मिमी है. दीर्घावधि औसत (एलपीए) के 94 प्रतिशत से 106 प्रतिशत के बीच वर्षा को सामान्य माना जाता है.