scorecardresearch
 

दिल्ली शूटआउट: रोहिणी कोर्ट में लचर थी सुरक्षा व्यवस्था, अधिकारियों को भी पहले से थी जानकारी

दिल्ली की अदालतों में सुरक्षा उल्लंघनों पर दायर एक रिट याचिका के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा एक हलफनामे के जवाब में रोहिणी कोर्ट ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की आवश्यकता को माना था.

X
दिल्ली शूटआउट दिल्ली शूटआउट
स्टोरी हाइलाइट्स
  • रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट में तीन लोग मारे गए थे
  • कोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था खराब होने की पहली ही थी जानकारी

दिल्ली की अदालतों में सुरक्षा उल्लंघनों पर दायर एक रिट याचिका के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा एक हलफनामे के जवाब में रोहिणी कोर्ट ने कोर्ट कॉम्प्लेक्स में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की आवश्यकता को माना था. हालांकि 24 सितंबर को हुए शूटआउट तक इसको लेकर कुछ नहीं किया गया. बीते दिन रोहिणी कोर्ट में दो हमलावरों ने गैंगवॉर का अंजाम देते हुए गैंगस्टर को मार डाला था. पुलिस ने भी दोनों हमलावरों को वहीं ढेर कर दिया था.

आजतक/इंडिया टुडे ने उन दस्तावेजों को भी देखा है, जिससे पता चलता है कि रोहिणी कोर्ट परिसर के अंदर अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरों की जरूरत थी और यह साल 2017 से ही लंबित है. रोहिणी कोर्ट की ओर से जिला और सत्र न्यायाधीशों ने जिक्र किया था कि रोहिणी कोर्ट कॉम्प्लेक्स में लगे सीसीटीवी कैमरों की संख्या अपर्याप्त है और मामला प्रशासनिक मंजूरी और वित्तीय मंजूरी के लिए 25 जुलाई 2017 को जीएनसीटी दिल्ली को भेजा गया है, जहां यह तब से लंबित है.

रोहिणी कोर्ट शूटआउट ने अदालत में भी सुरक्षा उल्लंघनों की ओर इशारा किया है. दिल्ली पुलिस ने भी आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है और सुरक्षा चूक पर भी जांच कर रही है. हालांकि, प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पता चलता है कि पहले से ही संबंधित अधिकारियों को सुरक्षा की कमी के बारे में पता था. रोहिणी कोर्ट में वकीलों और वादियों के लिए पास जारी करने की भी कोई व्यवस्था नहीं है. यह उन खामियों में से एक है जिसका इस्तेमाल दो हमलावरों द्वारा किया गया था. ये हमलावर वकील की आड़ में कोर्ट में दाखिल हुए और शूटआउट को अंजाम दिया.

आजतक/इंडिया टुडे से बात करते हुए, दिल्ली की अदालतों में सुरक्षा उल्लंघनों पर जनहित याचिका दायर करने वाले एडवोकेट कुंवर गंगेश ने कहा, ''ऐसी घटनाएं बार-बार होती हैं फिर भी कुछ नहीं किया जाता है. 2015 में जब कड़कड़डूमा शूट आउट हुआ था तब मैं एक इंटर्न था. हम इसम मामले में सोमवार को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे और अब तत्काल सुनवाई की मांग करेंगे.''

 

आजतक के नए ऐप से अपने फोन पर पाएं रियल टाइम अलर्ट और सभी खबरें डाउनलोड करें