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रोहिणी कोर्ट शूटआउट: कब, क्या और कैसे हुआ? जानिए क्या कहती है मामले में दर्ज FIR

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट की घटना से हैरान करने वाली है. कोर्ट में शूटआउट का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की एफआईआर क्या कहती है और कैसे यह घटना घटती, वारदात के दौरान क्या-क्या हुआ. दिल्ली पुलिस की एफआईआर में वारदात की डिटेल्स दर्ज है.

रोहिणी कोर्ट में शूटआउट की घटना सामने आई थी. रोहिणी कोर्ट में शूटआउट की घटना सामने आई थी.
स्टोरी हाइलाइट्स
  • वकील की ड्रेस में आए थे हमलावर
  • पेशी के दौरान मौजूद थे अधिकारी और कर्मचारी

दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में हुए शूटआउट की घटना से हैरान करने वाली है. कोर्ट में शूटआउट का मामला सामने आने के बाद सनसनी फैल गई है. इस मामले में दिल्ली पुलिस की एफआईआर क्या कहती है और कैसे यह घटना घटती, वारदात के दौरान क्या-क्या हुआ. दिल्ली पुलिस की एफआईआर में वारदात की डिटेल्स दर्ज है.

FIR में दर्ज SI वीर सिंह के बयान के मुताबिक, SI वीर सिंह दिल्ली पुलिस की थर्ड बटालियन में पिछले 1 साल से तैनात हैं. थर्ड बटालियन का काम अंडर ट्रायल कैदियों को कोर्ट में पेश करने का होता है. सब इंस्पेक्टर वीर सिंह के मुताबिक 24 सितंबर को भी उनकी ड्यूटी इंस्पेक्टर के साथ जितेंद गोगी और अफसर को तिहाड़ जेल से रोहिणी कोर्ट में पेश करने की लगी हुई थी. उनके साथ ASI सुनील, ASI राजेन्द्र, कॉन्स्टबेल जगदीश, कॉन्स्टेबल विनीत, कॉन्स्टबेल शक्ति (कमांडों), कॉन्स्टबेल चिराग (कमांडो), कॉन्स्टबेल अमित (कमांडो) और कॉन्स्टेबल बलवान थे.

 जज के सामने कब लाया गया जितेंद्र गोगी को...

सुबह करीब 10 बजे दोनों मुल्जिमों को पुलिसकर्मी तिहाड़ जेल से सरकारी गाड़ियों से कस्टडी में लेकर रोहिणी कोर्ट पहुंचे और लॉकअप में बंद कर दिया. मुल्जिम अफसर को कोर्ट नम्बर 304 में पेश करने के बाद वापस लॉकअप (कोर्ट की लॉकअप) में बंद किया और करीब 1 बजकर 10 मिनट पर जितेंद्र गोगी के पेशी के लिए सभी स्टाफ के साथ 207 कोर्ट नम्बर में ASJ गगन दीप सिंह की कोर्ट के लिए रवाना हुए. मुल्जिम के हाई रिस्क होने की वजह से सब मुस्तैद थे. स्पेशल सेल को भी इस बारे में सूचना दी गई थी ताकि उचित सुरक्षा में पेश किया जा सके. जितेंद्र गोगी के पेशी के दौरान सभी सुरक्षा इकाइयों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे.

 कोर्ट रूम में अचानक क्या हुआ ?

कोर्ट रूम में जितेंद्र गोगी को SI वीर सिंह, ASI सुनील, ASI राजेन्द्र ने पेश किया. अन्य स्टाफ को कोर्ट रूम के आस-पास तैनात किया. ASJ गगनदीप सिंह साहब कोर्ट की प्रोसिडिंग में मशगूल थे. उस वक्त कोर्ट रूम में नयाब कोर्ट और कोर्ट स्टाफ के अलावा 5-6 वकील थे. अचानक कुर्सियों से 2 व्यक्ति वकील की ड्रेस में उठे और दोनों ने अपने हथियार निकालकर जितेंद्र गोगी को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाने लगे.

एफआईआर के मुताबिक जब तक वहां मौजूद पुलिसकर्मी रिएक्ट कर पाते तब तक जितेंद्र गोगी को कई गोलियां लग चुकी थी. दोनों के हाथों में हथियार थे और अंधाधुंध गोलियां चला रहे थे. उन्हें फिजिकली पकड़ना संभव नहीं था और खासकर जज साहब, अन्य स्टाफ और वकील मौजूद थे.

घटना के दौरान किसी की भी जान जा सकती थी. इसलिए सभी की सुरक्षा व जानमाल की हिफाजत के लिए फ़ौरन वीर सिंह और कमांडो कॉन्स्टबेल शक्ति और कॉन्स्टेबल चिराग ने उन पर अपने हथियारों से गोली चला दी. उसी दौरान वहां पर जो स्पेशल सेल का स्टाफ और रोहिणी स्पेशल स्टाफ के हेड कॉन्सटेबल संदीप दहिया, हेड कॉन्सटेबल कुलदीप हुड्डा, कॉन्स्टबेल रोहित ने भी अपने हथियार से गोली चला दी. जिसके बाद उन बदमाशों को कंट्रोल किया गया. जिसके बाद जितेंद्र गोगी को बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया. जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया.

शूटआउट के बाद तिहाड़ जेल के डीजी ने जारी किए निर्देश

वहीं, रोहिणी कोर्ट में बीते दिन हुए गैंगवॉर के बाद तिहाड़ जेल में सख्ती की गई है. तिहाड़ जेल के डीजी ने निर्देश जारी करके जेल के अंदर ज्यादा से ज्यादा स्टाफ को तैनात करने का आदेश दिया है. जेल में सभी सुरक्षा उपकरणों को चालू स्थिति में करने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही एक-दूसरे के विरोधी गैंग के सदस्यों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है. गैंगवार की आशंका के बीच गोगी और टिल्लू गैंग को एक साथ सेल से बाहर न निकालने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही पेशी के दौरान ले जाते समय सुरक्षा व्यवस्था को और चाक-चौबंद करने के लिए कहा गया है.

 

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