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दिल्ली: बाजारों के बाद अब रिहाइशी इलाकों में सताने लगी सीलिंग की गाज

मॉनिटरिंग कमिटी की टीम इस समय घरों में स्टिल्ट पार्किंग पर बने अवैध निर्माण को सील करने में जुटी है. अभी तक तीन से चार घरों में ऐसे एरिया को सील किया जा चुका है जहां स्टिल्ट पार्किंग का कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा था.

सांकेतिक तस्वीर सांकेतिक तस्वीर

दिल्ली में सीलिंग की प्रक्रिया लगातार जारी है और मार्केट प्लेस और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स को सील करने के बाद अब मॉनिटरिंग कमेटी ने रिहायशी इलाकों की ओर रुख किया है और किसी भी रेजिडेंशियल कंस्ट्रक्शन पर बने अवैध निर्माण को सील करने का काम किया जा रहा है.

इसी सिलसिले में बुधवार को टीम डिफेंस कॉलोनी पहुंची. दिल्ली के पॉश इलाकों में से एक डिफेंस कॉलोनी बाजार में पहले ही 4 दुकानों को सील किया जा चुका है और अब मॉनिटरिंग कमेटी ने इस इलाके के रिहाइशी क्षेत्रों की ओर रुख किया है. यहां 2 दिन से घरों में स्टिल्ट पार्किंग पर बने अवैध निर्माण को सील करने का कार्य किया जा रहा है.

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स्टिल्ट पार्किंग किसी भी घर का वह हिस्सा है जो सिर्फ और सिर्फ पार्किंग के लिए अलॉट किया जाता है और उसके ऊपर ग्राउंड फ्लोर की शुरुआत होती है. घरों के बनाए नए नक्शों में इन दिनों स्टिल्ट पार्किंग आम बात है, जहां अक्सर देखा गया है कि लोग गाड़ियों की पार्किंग के साथ-साथ कमरे भी बना लेते हैं या फिर स्टिल्ट पार्किंग का कमर्शियल इस्तेमाल करते हैं.

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मॉनिटरिंग कमिटी की टीम इस समय घरों में स्टिल्ट पार्किंग पर बने अवैध निर्माण को सील करने में जुटी है. अभी तक तीन से चार घरों में ऐसे एरिया को सील किया जा चुका है जहां स्टिल्ट पार्किंग का कमर्शियल इस्तेमाल किया जा रहा था.

यहां ऐसे भी कई घर हैं जहां पर लोगों ने सीलिंग की खबर मिलते ही स्टिल्ट पार्किंग पर बने कमरों से सामान निकालने शुरू कर दिए या कमर्शियल इस्तेमाल में आने वाली चीजों को हटा लिया और जगह खाली कर दी. इससे इन घरों में सीलिंग नहीं हुई.

हालांकि जिन घरों में भी स्टिल्ट पार्किंग एरियाज को सील किया गया है, उनके मालिक इस प्रकरण पर कुछ भी कहने से कतरा रहे हैं. हालांकि मॉनिटरिंग कमेटी की नजर राजधानी के पॉश या सामान्य रिहाइशी क्षेत्रों के कमर्शियल इस्तेमाल पर अंकुश लगाने की है.

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