जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) कैंपस में रविवार और सोमवार की दरम्यानी हिंसा भड़कने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. जेएनयू प्रशासन की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए FIR दर्ज की है. यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2)/126(2)/191(2)/189(2)/121(1)/132/61(2) एवं 3 पीडीपीपी एक्ट के तहत की गई है.
यह हिंसा रात में हुई और करीब 1:30 बजे हालात तब बिगड़े जब वाइस चांसलर के खिलाफ निकाले जा रहे ‘समता जुलूस’ के दौरान दो छात्र संगठन आपस में भिड़ गए. वामपंथी छात्र संगठनों और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने एक-दूसरे पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है. इस घटना में कई छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए.
तनाव की शुरुआत तब हुई जब वामपंथी समर्थित छात्र संघ (JNUSU) ने कुलपति के हालिया बयानों के विरोध में मार्च निकाला. प्रदर्शनकारी कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, जिन्होंने कथित तौर पर एक साक्षात्कार में वंचित समुदायों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी.
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वायरल हुआ था हिंसा का वीडियो
सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में नकाबपोश लोग हाथों में लाठी-डंडे लिए और पत्थरबाजी करते हुए देखे जा रहे हैं. एबीवीपी का आरोप है कि प्रदर्शनकारी छात्रों ने लाइब्रेरी में पढ़ाई कर रहे छात्रों को डराया-धमकाया और उन पर हमला किया. वहीं, जेएनयूएसयू का दावा है कि उनके शांतिपूर्ण मार्च पर एबीवीपी के सदस्यों ने पथराव किया, जिससे कई छात्रों को सेंट्रल लाइब्रेरी में शरण लेनी पड़ी.
जेएनयू प्रशासन ने एक आधिकारिक बयान जारी कर हिंसा की निंदा की है और स्पष्ट किया है कि कैंपस में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. घायल छात्रों को सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है. पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उन नकाबपोश हमलावरों की पहचान कर रही है जिन्होंने कैंपस का माहौल खराब किया. फिलहाल जांच जारी है और परिसर में कक्षाएं सामान्य रूप से चल रही हैं.