जेल वैन में गैंगवार के चलते दो बदमाशों की हत्या वैन के अंदर ही कर दी गई. इस हत्या को कोर्ट से वापस आते वक्त अंजाम दिया गया. दरअसल, ये हत्या नीतू दाबोदिया गैंग के बदमाशों ने की जबकि आरोप लगा नीरज बवाना के गैंग पर.
इन सबके बीच वैन के अंदर हत्या ने वैन की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है. वैन को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हत्याकांड के पीछे गहरी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं. वहीं पुलिस को 25 अगस्त को जेल वैन में दो कैदियों की हत्या की जांच में पुलिस कुछ अहम सुराग मिले हैं. पुलिस को शक है कि इस हत्याकांड की साजिश में कुछ और लोग भी शामिल हो सकते हैं.
आखिर किसने घुमाया कैमरा?
सबसे बड़ी चौंकाने वाली बात ये है कि वैन के अंदर एक सीसीटीवी कैमरा भी लगा होता है. कैमरा कैदियों की तरफ होता है लेकिन इस वैन का कैमरा ड्राईवर की तरफ था. पुलिस ये पता लगा रही है कि कहीं कैमरा जानबूझकर घुमाया तो नहीं गया.
ये सवाल भी हैं अहम
नीतू दाबोदिया और नीरज बवाना दिल्ली के दो बड़े गैंग हैं. नीतू दाबोदिया एनकाउंटर में मारा गया था उसके बाद नीतू गैंग का कार्यभार पारस ने संभाल लिया था. रोहिडी कोर्ट से दोनों गैंग के सरगना पारस उर्फ गोल्डी और नीरज बवाना के साथियों को एक ही बस में वापस तिहाड़ जेल लाया जा रहा था जहां ये गैंगवार हुआ. सबसे बड़ा सवाल ये है कि दो बड़े गैंग के लोगों को एक ही बस में क्यों लाया गया था?