दिल्ली के मुंडका इलाके में फैक्ट्री में आग लगने की घटना में शनिवार को बिल्डिंग मालिकों पर केस दर्ज किया गया है. इस बिल्डिंग की मालिक महिला और उसका बेटा-बहू थे. पुलिस ने तीनों पर FIR दर्ज की है. इससे पहले पुलिस ने शुक्रवार को फैक्ट्री मालिकों को हिरासत में लिया था. इन दोनों पर भी केस दर्ज हुआ है. वहीं, आग की घटना में 27 लोगों के लापता होने की सूचना मिली है. आगजनी में इतने ही लोगों के शव बरामद हुए थे. अब तक मरने वाले सिर्फ 8 लोगों की पहचान हो सकी है.
जानकारी के मुताबिक, जिस बिल्डिंग में फैक्ट्री थी, उसका मालिकाना हक सुशीला लाकड़ा, उसके बेटे मनीष लाकड़ा और मनीष की पत्नी सुनीता लाकड़ा के पास था. इन तीनों के खिलाफ एफआइआर दर्ज कर ली गई. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग में निकलने का एक ही रास्ता था. कंपनी में 100 से ज्यादा लोग काम कर रहे थे. सुरक्षा का कोई उपाय नहीं किया गया था. बिल्डिंग में इमरजेंसी एग्जिट या अलग से कोई एंट्रेंस नहीं था.
फैक्ट्री मालिकों पर गैर इरादतन हत्या का केस
कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर कोई उपाय नहीं किए गए थे. आग लग जाने की हालत में 100 से ज्यादा काम करने वाले कर्मचारियों के बचाव को लेकर कंपनी ने कोई उपाय नहीं किए थे. इससे पहले दिल्ली पुलिस ने फैक्ट्री के मालिक हरीश गोयल और वरुण गोयल के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया था.
अगर मैन एंट्री और एग्जिट खुला होता तो नहीं हो पाता बड़ा हादसा
पुलिस ने FIR में साफ-साफ लिखा है कि फैक्ट्री में एंट्री और एग्जिट का सिर्फ एक ही रास्ता था. फैक्ट्री की फ्रंट साइड यानी रोहतक रोड पर फैक्ट्री की एंट्री और एग्जिट बंद था. अगर फैक्ट्री का मैन एंट्री और एग्जिट खुला होता तो शायद इतना बड़ा हादसा नहीं होता और 27 लोगों को जान नहीं गंवानी पड़ती.
यह भी कहा गया है कि फैक्ट्री मालिक हरीश गोयल और वरुण गोयल ने इमरजेंसी एग्जिट के लिए कोई रास्ता नहीं बनाया था. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, बिल्डिंग मालिक आग लगने के बाद से फरार हैं. गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की रेड कई जगहों पर जारी है.