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कोरोना काल में फीस नहीं बढ़ा पाएंगे स्कूल, दिल्ली सरकार का फैसला

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने स्कूलों की फीस को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. 

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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो) दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
स्टोरी हाइलाइट्स
  • स्कूलों की फीस को लेकर केजरीवाल सरकार का फैसला
  • फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने का निर्णय
  • 'महामारी के दौरान किसी भी स्कूल को फीस बढ़ाने की इजाजत नहीं'

दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने स्कूलों की फीस को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने फीस बढ़ाने वाले स्कूलों पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. दिल्ली सरकार ने चाणक्यपुरी के संस्कृति स्कूल की फीस बढ़ाने की अनुमति रद्द भी कर दी है. कोरोना महामारी से पहले इस स्कूल को फीस बढ़ाने की अनुमति दी गई थी. 

पेरेंट्स की ओर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जब दिल्ली सरकार ने जांच की तो पाया कि इस स्कूल ने अपने एकाउंट्स का ऑडिट नहीं कराया और 2017-18 के अकाउंट के हिसाब से इस स्कूल के पास सरप्लस पैसा था. संस्कृति स्कूल ने 83% फीस बढ़ा दी थी, जिसको दिल्ली सरकार ने रद्द कर दिया है.

दिल्ली के प्राइवेट स्कूलों की फीस पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. मनीष सिसोदिया ने प्राइवेट स्कूलों की फीस के मुद्दे पर कहा कि महामारी के दौरान किसी भी स्कूल को फीस बढ़ाने की इजाजत नहीं है. जो भी स्कूल ऐसा कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है. 

कोरोना महामारी के दौरान केवल ट्यूशन फीस ही लेंगे निजी स्कूल

इससे पहले केजरीवाल सरकार ने दिल्ली के निजी स्कूलों को कोविड-19 की अवधि के दौरान केवल ट्यूशन फीस लेने की अनुमति दी थी. इसके साथ ही वे लॉकडाउन की समाप्ति के बाद मासिक आधार पर वार्षिक और विकास शुल्क आनुपातिक रूप से वसूल सकेंगे. यह निर्देश दिल्ली के शिक्षा विभाग ने 1 सितंबर को ऑर्डर जारी कर दिया. शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने इस फैसले को प्राइवेट स्कूलों के छात्रों-अभिभावकों के हित में अरविंद केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला बताया था. 


 

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