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जनकपुरी हादसा: सामने आई कमल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट, गड्ढे में गिरने से नाक-मुंह में भर गई थी मिट्टी

दिल्ली के जनकपुरी में दिल्ली जल बोर्ड के गड्ढे में गिरने से हुई कमल की मौत के मामले में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, कमल की मौत दम घुटने और शरीर पर भारी वजन पड़ने की वजह से हुई है.

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कलम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने.  (File Photo: ITG)
कलम की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई सामने. (File Photo: ITG)

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड (DJB) द्वारा सीवर कार्य के लिए खोदे गए गड्ढे में गिरकर जान गंवाने वाले कमल ध्यानी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आ गई है. रिपोर्ट में बताया गया है कि गड्ढे में गिरने के बाद कमल के ऊपर उसकी भारी बाइक गिर गई थी, जिसने उसके सीने और कमर पर जबरदस्त दबाव बनाया. रिपोर्ट में कमल की मौत कारण ट्रॉमेटिक एस्फिक्सिया और दम घुटना बताया गया है.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट की जानकारी देने वाले सूत्रों के मुताबिक, कमल की बाइक उसके साथ गड्ढे में गिर गई थी, जिससे उसकी छाती पर भारी और सख्त चीज (बाइक) का दबाव पड़ा. इससे सांस लेने में गंभीर परेशानी हुई. साथ ही, गड्ढे में मुंह के बल गिरने के कारण उसके मुंह और नाक में मिट्टी भर गई, जिससे वह सांस नहीं ले पाया.

नाक-मुंह में भर गई थी मिट्टी: रिपोर्ट

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया है कि मौत का मुख्य कारण सीने पर दबाव और मुंह-नाक में मिट्टी भरने से दम घुटना था. रिपोर्ट में एक चौंकाने वाला तथ्य ये भी सामने आया है कि कमल की दाहिनी जांघ पर जलने का निशान मिला है. सूत्रों का कहना है कि ये निशान संभवत मौत के बाद काफी देर तक शरीर के उस हिस्से के बाइक के साइलेंसर के संपर्क में रहने से लगा होगा. हालांकि, अभी तक मौत का सटीक समय स्पष्ट नहीं हुआ है, लेकिन जांच में आगे के विवरण से ये पता चलेगा.

दरअसल, बीते हफ्ते दिल्ली के जनकपुरी में 25 वर्षीय कमल अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी दिल्ली जल बोर्ड द्वारा खोदे गए लगभग 15 फीट गहरे गड्ढे में गिर गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई. शुरुआती जांच में पता चला है कि जिस जगह पर काम चल रहा था, वहां   न तो कोई ढंग की बैरिकेडिंग थी और न ही पर्याप्त रोशनी  और न ही चेतावनी देने वाला कोई साइन बोर्ड लगा था. पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर लापरवाही के आरोप में ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की है, जिसमें गैर-जमानती वारंट और गिरफ्तारियां शामिल हैं. दिल्ली जल बोर्ड ने भी अपनी आंतरिक जांच में सुरक्षा मानकों की अनदेखी स्वीकार की है और कुछ इंजीनियरों को निलंबित किया गया है.

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