गणतंत्र दिवस से पहले राजधानी दिल्ली में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया. दक्षिण-पश्चिम जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने अवैध हथियार बनाने और सप्लाई करने वाले गैंग के पांच सदस्यों को पकड़ा है. पुलिस का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों का आपराधिक इतिहास गंभीर रहा है, इनके खिलाफ पहले से हत्या, लूट, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे संगीन मामले दर्ज हैं.
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह गैंग लंबे समय से अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई में एक्टिव था. ये आरोपी दिल्ली-एनसीआर के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा में भी अपराधियों को देसी पिस्टल और कारतूस उपलब्ध करा रहे थे. गिरोह के नेटवर्क का दायरा काफी बड़ा बताया जा रहा है, जिसको लेकर पुलिस लगातार निगरानी कर रही थी.
गणतंत्र दिवस के मद्देनजर अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए स्पेशल स्टाफ ने विशेष अभियान शुरू किया था. इसी दौरान पुलिस को एक पुख्ता खुफिया सूचना मिली. कापसहेड़ा इलाके के राजोकरी टी-पॉइंट पर जाल बिछाया गया. यहां पुलिस टीम ने संदिग्ध गतिविधि के आधार पर भरत नाम के आरोपी को रोका और तलाशी ली. तलाशी के दौरान उसके पास से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ.

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पूछताछ में भरत ने बड़ा खुलासा किया. उसने बताया कि मेरठ के एक गांव में अवैध हथियार बनाने की एक पूरी फैक्ट्री चल रही है. इस इनपुट के बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मेरठ में छापा मारा. वहां अवैध हथियार फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ. छापेमारी के दौरान पुलिस ने अशरफ अली, उपेंद्र और सतीश को मौके से पकड़ लिया. इसके बाद हथियारों की सप्लाई चेन से जुड़े एक अन्य आरोपी इम्तेयाज को भी दबोच लिया गया.
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 20 अत्याधुनिक देसी पिस्टल और 12 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं. इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली भारी मशीनरी और कई औजार भी जब्त किए गए हैं. इनमें लोहे की बैरल, ग्राइंडर मशीन, वेल्डिंग रॉड, छेनी, स्प्रिंग, आरी और हथौड़े जैसे उपकरण शामिल हैं, जिनकी मदद से देसी पिस्टल तैयार की जाती थीं.
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं. जेल से बाहर आने के बाद उन्होंने दोबारा अवैध हथियारों के निर्माण और सप्लाई का धंधा शुरू कर दिया था. फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने अपराधियों को इन हथियारों की सप्लाई की जा चुकी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन-कौन हैं.