राजधानी में सरकारी मकानों को खाली ना करने से जुड़ी याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. हाईकोर्ट ने शहरी विकास मंत्रालय को निर्देश दिया है कि वो साल 1998 से गैरकानूनी रूप से रह रहे अवैध लोगों से 15 दिन में घर खाली करवाए. कोर्ट ने मंत्रालय को कहा है कि अगर ऐसे लोग घर खाली ना करें तो उनका सामान सड़क पर फेंक दिया जाए.
इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पाया कि खुद शहरी विकास मंत्रालय ने घर खाली कराने के लिए लोगों को शो कॉज नोटिस तक जारी नहीं किए हैं. मंत्रालय के वकील ने जब इस मामले में आज भी सुनवाई के बजाए कोर्ट को दूसरी तारीख देने की बात कही तो हाई कोर्ट में मंत्रालय के सेक्रेटरी पर 10 हजार का जुर्माना भी लगा दिया.
Delhi High Court clarifies that if there is stay order over vacating of any house by any tribunal, then Ministry will not do anything to those houses. Court has listed the matter for February 27 for further hearing. https://t.co/gjrPFVKpq1
— ANI (@ANI) February 5, 2020
इस मामले में एक जनहित याचिका दिल्ली हाईकोर्ट में दाखिल की गई थी जिसमें कहा गया था कि बड़े पैमाने पर दिल्ली में सरकारी घरों पर लोगों ने सालों से कब्जा किया हुआ है. सरकार उनको हटाने के लिए कोई गंभीर प्रयास नहीं कर रही है. इस याचिका पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य शहरी विकास मंत्रालय से ऐसे लोगों की लिस्ट मांगी तो पता चला कि 375 सरकारी आवास पर गैरकानूनी तरीके से लोगों ने कब्जा किया हुआ है.
हालांकि, आज की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने ये साफ कर दिया है कि कोर्ट का यह आदेश उन्हीं मामलों पर लागू करके घर खाली कराए जाएं जिन पर किसी और को कोर्ट या ट्रिब्यूनल से स्टे नहीं लगा हुआ है. यानी कि जिन लोगों के घर खाली कराने पर किसी ट्रिब्यूनल रोक लगाई हुई है, आज का हाई कोर्ट का आदेश उन पर लागू नहीं होगा. कोर्ट ने कहा है कि मंत्रालय उन घरों को खाली ना कराएं, दिल्ली हाई कोर्ट मामले की अगली सुनवाई 27 फरवरी को करेगा.