दिल्ली हाई कोर्ट ने अबूधाबी में रिटायर्ड मेजर विक्रांत जेटली की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में उनसे सीधे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने की इच्छा जताई है. कोर्ट ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने को कहा है कि किस व्यवस्था के तहत हाई कोर्ट की विक्रांत जेटली से सीधी बातचीत कराई जाएगी.
सेलिना जेटली ने की कॉन्सुलर एक्सेस की मांग
हाई कोर्ट ने कहा कि वह विक्रांत जेटली से इसलिए बात करना चाहता है ताकि यह साफ हो सके कि आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए वह किसकी मदद लेना चाहते हैं- अपनी बहन और अभिनेत्री सेलिना जेटली की या अपनी पत्नी की. कोर्ट ने इस मामले में दोनों पक्षों को मीडिया से बातचीत न करने का भी निर्देश दिया है.
मामले की अगली सुनवाई 12 फरवरी को होगी. यह मामला अभिनेत्री सेलिना जेटली की उस याचिका पर चल रहा है, जिसमें उन्होंने अपने भाई विक्रांत जेटली के लिए कॉन्सुलर एक्सेस की मांग की है. विक्रांत जेटली को अबूधाबी में हिरासत में लिया गया है.
कोर्ट ने दिया नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने विदेश मंत्रालय को निर्देश दिया था कि वह इस मामले में एक नोडल अधिकारी नियुक्त करे, जो संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों से कोऑर्डिनेट करे. कोर्ट ने यह भी कहा था कि मंत्रालय सभी उपलब्ध माध्यमों, जिनमें TAMM ऐप या अन्य संचार प्लेटफॉर्म शामिल हैं, का इस्तेमाल कर सेलिना जेटली और उनके भाई के बीच संपर्क स्थापित करे. यह निर्देश इसलिए दिया गया था क्योंकि हिरासत में लिए जाने के बाद से सेलिना जेटली को अपने भाई से संपर्क करने में लगातार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.