अब दिल्ली में जंक फूड पर रहेगी सरकार की नजर, दिल्ली सरकार ने आज से शुरू किया फूड सर्विलांस कार्यक्रम दिल्ली सरकार सोमवार से फूड सर्विलांस कार्यक्रम शुरू करने जा रही है. कार्यक्रम का मकसद शहर भर के रेस्तराओं और फास्ट फूड दुकानों में परोसे जाने वाले खाने की क्वालिटी पर नजर रखना है.
मल्टीनेशनल फूड ज्वाइंट्स पर रहेगी नजर
कार्यक्रम के तहत मैक्डोनाल्ड्स, पिज्जा हट और डोमिनो जैसे बड़े फूड हब्स में खाने की क्वालिटी की जांच होगी. इसके अलावा चिप्स और जूस जैसे पैकेज्ड प्रोडेक्ट भी जांचे जाएंगे.
सूत्रों के मुताबिक पहले चरण में कनॉट प्लेस, करोल बाग, चांदनी चौक, खान मार्केट, लाजपत नगर जैसे इलाकों में ये कार्यक्रम चलाया जाएगा.
अभियान का मकसद ये सुनिश्चित करना है कि शहर के रेस्तरां और फूड ज्वाइंट्स खाद्य सुरक्षा एवं मानक कानून, 1996 के प्रावधानों का पालन कर रहे हैं.
प्राइवेट लैब्स करेंगी मदद
दिल्ली सरकर के खाद्य सुरक्षा विभाग में फूड कमिश्नर मृणालिनी दरसवाल के मुताबिक, ‘ये खाने की चीजों की क्वालिटी बनाए रखने के लिए शुरू किया गया अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी प्रोग्राम है. इससे देश की राजधानी के फूड मार्केट में असुरक्षित खाने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी.’
दरसवाल ने बताया कि उनके विभाग ने फूड सैंपल्स की जांच के लिए नौ निजी प्रयोगशालाओं के साथ करार किया है. खास बात ये है कि इन प्रयोगशालाओं में रोगाणुओं का पता लगाने वाले माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्ट किये जा सकते हैं. अब तक खाद्य सुरक्षा विभाग फूड सैंपल्स के सिर्फ रसायसनिक टेस्ट करता था.
दरसवाल ने बताया, ‘ हमने अपनी माइक्रोबायोलॉजिकल फूड टेस्टिंग लैब्स भी शुरू की हैं. इनमें खाद्य पदार्थों में बैक्टिरिया, फंगस और वायरस की मौजूदगी का पता लगाया जा सकता है. अधिकारी अपनी रिपोर्ट में रेस्तराओं के रसोईघरों में साफ-सफाई के इंतजामों पर भी रिपोर्ट देंगे.’
निजी प्रयोगशालाओं के कर्मचारी रोजाना बाजार से हजारों फूड सैंपल्स को जांच के लिए भेजेंगे. अगर शुरुआती चरण में ये सैंपल्स जांच में फेल होते हैं तो सरकारी फूड कर्मचारी आगे की कार्रवाई के लिए खाने के नए नमूने इकट्ठे करेंगे.
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक उनके विभाग को एक अरसे से दिल्ली के नामचीन फूड ज्वाइंट्स में खाने की क्वालिटी को लेकर शिकायतें मिल रही थीं और मौजूदा कार्यक्रम इसीके मद्देनजर शुरू किया गया है.