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दिल्ली में बढ़ता जा रहा बाढ़ का खतरा, रेलवे ने बहाल की सेवा

लगातार बारिश और हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है और अब यहां बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. संभावित खतरे को देखते हुए निचले इलाके को खाली करा लिया गया है.

फाइल फोटो फाइल फोटो

लगातार बारिश और हथिनीकुंड बैराज से छोड़े जा रहे पानी से दिल्ली में बाढ़ का खतरा बढ़ता जा रहा है. वहीं रेलवे ने यमुना पुल पर बढ़ते जलस्तर को देखते हुए 27 ट्रेनों को स्थगित कर दिया था, लेकिन अब इस रूट से रेल सेवा को बहाल कर दिया है.

दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुका है, और सोमवार सुबह 8 बजे यहां का जलस्तर 205.66 मीटर तक पहुंच गया था. जबकि यह जलस्तर साढ़े 7 बजे तक 205.62 मीटर तक था. यह खतरे के निशान से 79 सेंटीमीटर ज्यादा है.

पानी के खतरे के निशान से ऊपर जाने के कारण राजधानी के कई इलाकों पर इसकी चपेट में आने का खतरा मंडरा रहा है. इस बीच यमुना पर बने दिल्ली के मशहूर 'लोहे का पुल' पर यातायात बंद कर दिया गया है. देर रात हुई बारिश से यमुना का जलस्तर और बढ़ गया.

बढ़ते जलस्तर का असर दिल्ली आने वाली ट्रेनों पर भी पड़ा है. पुराने पुल (लोहे का पुल) से गुजरने वाली 27 ट्रेनों को स्थगित कर दिया गया है. साथ ही 7 सवारी ट्रेनों के रूट में बदलाव किया गया है. वहूं 8 ट्रेनों को कुछ समय के लिए दिल्ली-शाहदरा (6) और गाजियाबाद (2) पर ही रोक दिया गया है.

नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरपो ने रेल सेवा बहाल किए जाने का ऐलान करते हुए कहा, यमुना में घटते जलस्तर को देखते हुए फिर से पुराने यमुना ब्रिज पर रेल सेवा बहाल कर दी गई है. सभी कैंसल ट्रेनों और डाइवर्ट किए गए रूटों को इस रूट पर लाया गया है. पूरी स्थिति पर इंजीनियरों ने नजर बनाए रखी है. हम परिस्थितियों के अनुसार फैसला करेंगे.

खतरनाक स्तर पर पहुंचे जलस्तर को देखते हुए दिल्ली के निचले इलाके से लोगों से हटा लिया गया है.

इससे पहले रविवार को दिल्ली सरकार ने नदी की स्थिति पर नजर रखने के लिए बाढ़ नियंत्रण कक्ष और चौबीसों घंटे काम करने वाले आपात संचालन केंद्र स्थापित किए हैं. यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ते रहने पर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर पुराने पुल (लोहे का पुल) पर यातायात बंद करने का आदेश जारी किया गया था.

खबर है कि हथिनी कुंड से छोड़ा गया पानी आज दिल्ली पहुंच सकता है. इससे राजधानी में स्थिति और बिगड़ जाएगी. रविवार को फिर हरियाणा के हथिनी कुंड बैराज से 2 लाख 53 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया.

यमुना का जलस्तर शनिवार को ही खतरे के निशान से ऊपर था, अब ज्यादा पानी आने के बाद यमुना का स्तर और बढ़ गया है,  जिसने दिल्लीवासियों के साथ ही शासन-प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है. यमुना का जलस्तर रविवार शाम 205.5 मीटर थी और यह खतरे का निशान 204.83 मीटर से करीब एक मीटर ज्यादा है.

बढ़ते जलस्तर के कारण दिल्ली के वजीराबाद, सोनिया विहार, गढ़ी मांडू, शास्त्री पार्क, गीता कॉलोनी, गांधी नगर, जगतपुर गांव, यमुना बाजार, ओखला, बाटला हाउस, सराय काले खां, मदनपुर खादर और राजघाट में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. इन इलाकों में गीता कॉलोनी में सबसे ज्यादा बाढ़ का खतरा बना हुआ है.

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