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दिल्ली बाढ़ के खतरे के बावजूद घर छोड़ने को तैयार नहीं लोग, प्रशासन के टेंट खाली

दिल्ली में यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. राष्ट्रीय राजधानी में बाढ़ का खतरा है. नदी के किनारे रह लोगों ने प्रशासन द्धारा लगाए टेंट में जाने से मना कर दिया है.

दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा

दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. यमुना नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर से ऊपर बहने लगा है. वहीं दूसरी तरफ हरियाणा ने और पानी छोड़ दिया है, यानि आने वाले वक्त में दिल्ली में बाढ़ भी आ सकती है. इसी के मद्देनजर दिल्ली प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले लोगों से अपना घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर लगाए गए अस्थायी टेंट में शिफ़्ट होने को कहा है. बावजूद इसके प्रशासन द्वारा लगाए गए सैकड़ों टेंट पूरी तरह से खाली पड़े हैं. लोग अपना घर छोड़कर उन टेंटों में शिफ़्ट नहीं हो रहे हैं.

दरअसल स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के बाढ़ का खतरा वो हर साल झेलते रहे हैं. उनके लिए ये आम बात है, और घर शिफ्ट करने में काफी मेहनत और ख़र्चा लग सकता है. ऐसे में वो लोग जान की परवाह किए बगैर अपने पुराने घर में ही रह रहे हैं.

पूर्वी दिल्ली में 2000 से ज्यादा परिवार आ सकते हैं बाढ़ की चपेट में

दरअसल प्रशासन  का कहना है कि कई साल पहले किए गए सर्वे में यह बात सामने आई थी कि पूर्वी दिल्ली में 2 हजार से ज्यादा लोग नदी के किनारे रहते हैं. इनमें से लगभग सभी के ही अस्थायी घर हैं और ये लोग नदी किनारे होने वाली खेती-बाड़ी करते हैं.

ऐसे में हर साल जब भी बाढ़ का खतरा दिल्ली में आता है तो प्रशासन सबसे पहले इन लोगों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने का प्रयास शुरू कर देता है. इस साल भी सैकड़ों टेंट लगाए गए हैं.  इन लोगों को अपना घर छोड़कर शिफ्ट करने को कहा गया है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि लोग अपना घर छोड़कर टेंट में जाने को राजी नज़र नहीं आ रहे.

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