दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में गुरुवार (14 मई) शाम धूल भरी आंधी आई थी. इस आंधी के कारण राष्ट्रपति भवन में एक हादसा हो गया. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के OSD के ड्राइवर पर पेड़ गिर गया था. इस हादसे में वह घायल हो गए थे, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. अस्पताल में इलाज के दौरान शनिवार को उनकी मौत हो गई.
बता दें कि गुरुवार को दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में गुरुवार शाम अचानक मौसम बदल गया था. शाम करीब पांच बजे आसमान में बादल उमड़े और उसके साथ-साथ धूल भरी आंधी आ गई. इस दौरान तेज हवाएं चल रही थीं, जिस वजह से जो लोग सड़कों पर थे, उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. दिन के वक्त भी लोगों को गाड़ियों की हेडलाइट जलाने के लिए मजबूर होना पड़ा, क्योंकि धूल की वजह से विजिबिलिटी काफी कम हो गई थी. कई इलाकों में पेड़ भी गिर गए थे.
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अब ओडिशा के पास चक्रवाती तूफान की आशंका
उधर, भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अब चक्रवाती तूफान की आशंका जताई है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी के ऊपर और दक्षिण अंडमान सागर के पास कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है, इससे ओडिशा और आस-पास के इलाकों में चक्रवाती तूफान अम्फान (Amphan) की संभावना है.
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दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी में लगभग 1000 किलोमीटर की दूरी पर अगले 12 घंटे में चक्रवाती तूफान में तेजी से वृद्धि होने की संभावना है. वहीं, अगले 24 घंटे में ये एक गंभीर चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है. इस बीच, पूर्वी नौसेना कमान (ईएनसी) भी अलर्ट हो गई है.